Akola Municipal Corporation: अकोला महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में भाजपा के स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल और शिंदेसेना के नगरसेवक सागर भारुका के बीच हुए वाद-विवाद ने शहर का राजनीतिक वातावरण गरमा दिया है।
अनधिकृत बैनर हटाने को लेकर हुए विवाद में महापालिका कर्मचारी और शिवसेना नगरसेवकों के बीच धक्कामुक्की होने का आरोप लगाया गया। इस घटना के बाद विजय अग्रवाल ने सागर भारुका के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि सागर भारुका ने जान से मारने की धमकी दी है।
गुरुवार को बैनर हटाने के मुद्दे पर शिंदेसेना के नेता और पूर्व विधायक गोपीकिसन बाजोरिया ने मूक मोर्चा निकालते हुए पुलिस थाने पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, शिंदे सेना के नगरसेवक सागर भारुका के साथ स्थायी समिति की सभा में बहुत ही असभ्य व्यवहार सभापति द्वारा किया गया। इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान शिंदे सेना निरीक्षक, विधायक राजन सालवी ने मनपा कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बैठा आंदोलन की चेतावनी दी। सूत्रों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब शहर में लगाए गए एक बैनर पर छत्रपति शिवाजी महाराज, शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के फोटो थे।
महापालिका कर्मचारी ने यह बैनर हटाने की कार्रवाई की, जिस पर सागर भारुका ने सवाल उठाया कि जब शहर में कई अवैध बैनर लगे हैं तो केवल स्थायी समिति सभापति विरोधी बैनर ही क्यों हटाया जा रहा है। बुधवार को महापालिका परिसर में विजय अग्रवाल और सागर भारुका के बीच फिर से शाब्दिक विवाद हुआ।
आरोप है कि भारुका अपने समर्थकों के साथ अग्रवाल पर धावा बोलने पहुंचे। इसके बाद महापालिका प्रशासन और विजय अग्रवाल ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई। पुलिस ने सागर भारुका के खिलाफ मामला दर्ज कर गुरुवार को उन्हें हिरासत में लिया। इसके पश्चात उन्हें जमानत पर छोड दिया गया। इस घटनाक्रम से शहर का राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
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