प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
अकोला

महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती तकनीक के उपयोग से देशभर में बनेगा अग्रणी, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे का वादा

Akola News: महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती तकनीक के उपयोग देशभर में अग्रणी बनेगा। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों से उत्पादन खर्च घटाकर पैदावार बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

रूपम सिंह

Akola Organic Farming News: महाराष्ट्र व्यावसायिक रूप से लाभकारी प्राकृतिक खेती तकनीक के उपयोग और प्रचार-प्रसार में देशभर में अग्रणी बनेगा तथा राज्य को दिशा देगा, यह विचार राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने प्रकट किए। वे डा. पंजाबराव देशमुख कृषि -विश्वविद्यालय में "प्राकृतिक खेती अवसर और चुनौतियां" विषय पर राज्य स्तरीय विचारमंथन सत्र के उद्घाटन अवसर पर आभासी पद्धति से उपस्थिति दर्ज कर बोल रहे थे।

उन्होंने किसानों से उत्पादन खर्च कम कर उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने का आहवान किया। इस अवसर पर उपस्थित राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सचिव डा। प्रशांतकुमार नारनवरे ने शाश्वत खेती के लिए अनुसंधान संस्थाओं के निष्कर्षों का उपयोग कर प्रयोगशील किसानों के साथ एकात्मिक प्रयास करने का मार्गदर्शन किया। विवि के उप कुलपति डा. शरद गडाख ने बताया कि डा. पीडीकेवी में प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दिया जा रहा है और विभिन्न प्रयोग शुरू किए गए हैं।

प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर दिया गया बल

अकोला कृषि आयुक्त सूरज मांढरे ने विभागीय नियोजन में प्राकृतिक खेती को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। तकनीक सत्रों में प्राकृतिक खेती की क्षमता और परिणाम, सूक्ष्मजीव व केंचुए की भूमिका, फसल उत्पादन सुधार, कीट व रोग प्रबंधन, विस्तार सेवा और पशुपालन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया।

पद्मश्री डा. हरिओम, डा. बलजित सिंह, डा. वी.जे.पटेल, डा. जनक राठोड, डा. स्वप्निल देशमुख और डा. नितिन कुरकुरे ने विचार प्रस्तुत किए। इस विचारमंथन में राज्यभर के कृषि विश्वविद्यालयों के उप कुलपति, अधिकारी, वैज्ञानिक, विद्यार्थी और प्रगतिशील किसान सहभागी हुए। 3000 से अधिक विद्यार्थी और किसान यूट्यूब लिंक के माध्यम से जुड़े।

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