किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, अकोला के 133 गांवों में कृषि संजीवनी परियोजना लागू

Akola Agriculture News: अकोला में नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना चरण-2 के तहत 133 गांवों को मंजूरी मिली है। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, बागवानी और पशुपालन के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।
Akola district approves Phase 2 of the Krishi Sanjivani Project for 133 villages. The initiative provides financial aid for modern farming, horticulture, and livestock to boost farmers' income.
जिलाधिकारी कार्यालय में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हरीश देशमुख, 'आत्मा' के संचालक डॉ. मुरली इंगले की तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
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Nanaji Deshmukh Krishi Sanjivani Project: अकोला जिले में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना चरण-2 का विस्तार किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत जिले के कुल 133 गांवों को शामिल किया गया है। इस प्रारुप को जिलाधिकारी वर्षा मीणा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हरीश देशमुख, 'आत्मा' के संचालक डॉ. मुरली इंगले, उपविभागीय अधिकारी विवेक बिर्हाडे, तुषार ठाकरे सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे। नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना चरण-2 जिले के किसानों के लिए एक नई आशा लेकर आई है। 133 गांवों को शामिल कर इस योजना से कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है।

आर्थिक सहायता का स्वरूप

परियोजना में व्यक्तिगत, सामूहिक तथा किसान उत्पादक कंपनियों को सहायता दी जाएगी। इसके अलावा महिला बचत समूह और अन्य समूह स्तर पर भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि होगी।

जिले में शामिल गांव

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हरीश देशमुख ने जानकारी दी कि इस परियोजना में अकोला तालुका के 20 गांव, बालापुर के 12 गांव, बार्शीटाकली के 32 गांव, मुर्तिजापुर के 13 गांव, पातुर के 14 गांव, अकोट के 29 गांव तथा तेल्हारा के 13 गांव शामिल किए गए हैं। इस प्रकार कुल 133 गांवों को परियोजना का लाभ मिलेगा।किसानों के लिए नई दिशा इस परियोजना से किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने का अवसर मिलेगा।

जल संरक्षण, सेंद्रिय खेती, पशुपालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में प्रोत्साहन मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि विकास की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि संजीवनी परियोजना का लाभकेवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक किसानों तक पहुँचे। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय से काम करना होगा।

परियोजना के उद्देश्य और लाभ

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों की क्षमता बढ़ाना, संसाधनों का कार्यक्षम उपयोग करना और प्रतिस्पर्धात्मक उत्पादन प्रणाली को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, सटीक कृषि पद्धतियों के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन कम करना, हवामान अनुकूल तकनीक का उपयोग करना, संस्थागत निर्माण और नवीन उपक्रमों को बढ़ावा देना भी इस योजना का हिस्सा है।

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के माध्यम से किसानों को पौधारोपण, फल बागवानी, खाद निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, बंदिस्त बकरी पालन, रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों तक इस योजना का लाभ पहुँचाया जाए।

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