Akola Municipal Corporation: अकोला महानगरपालिका प्रशासन अब अपने स्वामित्व वाली व्यावसायिक दुकानों का बकाया किराया वसूलने के लिए सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। शहर में मनपा की कुल 535 व्यावसायिक दुकानें हैं, जिनमें से 492 दुकानदारों पर करीब 14 करोड़ रु. का किराया बकाया है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद अधिकांश दुकानदारों द्वारा भुगतान नहीं किए जाने पर अब अंतिम नोटिस जारी कर दुकानों को सील कर कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मनपा की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बनी हुई है। संपत्ति कर, जलकर और दुकान किराया जैसे राजस्व स्रोतों से अपेक्षित आय नहीं होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने प्रलंबित राजस्व की वसूली के लिए कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है।
मनपा अधिकारियों के अनुसार, वर्षों से किराया जमा नहीं होने के कारण बकाया राशि एक समय 16 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बकायेदारों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने के बाद 49 दुकानदारों ने करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये का बकाया जमा कर दिया, लेकिन शेष दुकानदारों ने कोई जवाब नहीं दिया। अब मनपा ने बकाया वसूली के लिए दुकानों पर कब्जा करने का फैसला लिया है।
महानगरपालिका की दुकानें मनपा मुख्यालय परिसर, विनयकुमार पाराशर मार्केट (जैन मंदिर के सामने), अनाज बाजार, जनता सब्जी बाजार, दक्षता संकुल, जठारपेठ चौक संकुल, उमरी नाका, सिंधी कैंप, खदान क्षेत्र तथा शहर की विस्तारित सीमा के विभिन्न व्यावसायिक परिसरों में स्थित हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 में किराया बढ़ाए जाने के विरोध में कई व्यापारियों ने किराया जमा करना बंद कर दिया था।
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महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 81-ए और 81-बी के तहत बकायेदार दुकानदारों को अंतिम नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित दुकानों को सील कर मनपा अपने कब्जे में ले लेगी। मनपा प्रशासन का कहना है कि बकाया वसूली के लिए पहले कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसलिए अब अंतिम अवसर देने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों की दुकानें कब्जे में लेकर उनकी नीलामी की जाएगी और नियमों के अनुसार उन्हें नए किरायेदारों को किराये पर दिया जाएगा।