Akola Municipal Corporation: अकोला मनपा की सर्वसाधारण सभा में शहर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसी सभाओं में मीडिया को प्रत्यक्ष उपस्थित रहकर कार्यवाही और चर्चाओं का समाचार संकलन करने का अधिकार है। इसके बावजूद हाल ही में भाजपा पदाधिकारियों की ओर से जगह की कमी का कारण बताते हुए मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को मनपा कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनपा की सर्वसाधारण सभा में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सभा की कार्यवाही जनता तक पहुंचाने में प्रसार माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बावजूद मीडिया को सभागृह में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस की ओर से आयोजित यह एक दिवसीय धरना अकोला मनपा कार्यालय के सामने किया गया। इस दौरान कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मीडिया के प्रवेश पर लगाई गई रोक का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। इस अवसर परडा। जीशान हुसैन, आजाद खान, निलोफर खान, प्रशांत गावंडे, अशोक अमानकर, अक्षय राऊत, मनीष मिश्रा, यशोदा गायकवाड, विजय तिवारी, तश्वर पटेल, सुगत भटकर, आक्रोश सायखेडे उपस्थित थे।
धरना आंदोलन के आयोजक तथा पूर्व उपमहापौर निखीलेश दिवेकर ने आरोप लगाया कि सत्ताधारियों की ओर से जगह की कमी का कारण बताया जा रहा है, लेकिन यह वास्तविक समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सभागृह में जगह कम पड़ रही है तो मनपा के नियोजन सभागृह के अलावा जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागृह अथवा आकाशवाणी के सामने स्थित जिला परिषद के नए हॉल को किराए पर लेकर सभा आयोजित की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष को अपनी कथित अनियमितताओं की सच्चाई जनता के सामने आने का डर है। इसी कारण लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले प्रसार माध्यमों को सभा में प्रवेश से रोका जा रहा है।