Maharashtra women scheme (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अकोला

अकोला: लाडकी बहिन योजना पर संकट; आंगनवाड़ी सेविकाओं का जांच से इनकार, 45 हजार महिलाएं लाभ से रह सकती हैं वंचित

Ladki Bahin Yojana: अकोला में लाडकी बहिन योजना की केवाईसी जांच अटक गई है, आंगनवाड़ी सेविकाओं के बहिष्कार से 45 हजार महिलाओं की जांच का भार 7 अधिकारियों पर है; जिससे महिलाएं लाभ से वंचित हो सकती है।

रूपम सिंह

Maharashtra Government Schemes News: मुख्यमंत्री  के लाडकी बहिन योजना क्रियान्वयन में अब नई कठिनाइयां सामने आई हैं। केवाईसी प्रक्रिया में तकनीकी कारणों से अपात्र ठहराई गई महिलाओं के घर जाकर प्रत्यक्ष पड़ताल करने का कार्य आंगनवाड़ी सेविकाओं को सौंपा गया था, लेकिन सेविकाओं ने इस काम से इंकार कर प्रशासन को लिखित पत्र दिया है। इसके चलते जिले की लगभग 45 हजार लाभार्थियों की पात्रता की जांच का भार अब केवल 7 बाल विकास परियोजना अधिकारियों पर आ गया है।

परिणामस्वरूप, पात्र होते हुए भी हजारों महिलाएं लाभ से वंचित रह सकती हैं। विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत बड़े प्रचार-प्रसार के साथ की थी। प्रारंभ में शर्तें शिथिल होने से लाभार्थियों की संख्या अधिक थी। लेकिन अब सरकार ने नियमों की कठोरता से अमल शुरू किया है। 31दिसंबर तक जिन महिलाओं ने बैंक मेंकेवाईसी पूरी नहीं की, उन्हें दिसंबर का हप्ता नहीं मिला।

ऐसी महिलाओं की पात्रता की जाँच का काम अंगनवाड़ी सेविकाओं को दिया गया था। मगर काम का बढ़ता बोझ और लंबित मांगों के कारण सेविकाओं ने इस कार्य का बहिष्कार किया है। जिले में पहले ही 41,634 आवेदक विभिन्न कारणों से लाभ से वंचित रह चुके हैं। वर्तमान में 4 लाख 3 हजार पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। लेकिन अब पुनः 45 हजार लाभार्थियों की पात्रता संदेह के घेरे में है।

समय पर पड़ताल न होने पर नाम हो सकते हैं बाद

लाभ से वंचित महिलाओं की पड़ताल समय पर न होने पर उनके नाम स्थायी रूप से बाद हो सकते हैं। आंगनवाड़ी सेविकाओं के इंकार के कारण अब केवल 7 बाल विकास परियोजना अधिकारियों को 45 हजार घरों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। लाभार्थियों की संख्या और उपलब्ध अधिकारियों का अनुपात देखते हुए यह प्रक्रिया अत्यंत समयसाध्य होगी। यह रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करने के बाद ही आगे का निर्णय होगा। तब तक संबंधित महिलाओं को आर्थिक लाभ के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

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