Kharif Crops (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
अकोला

4.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र इंतजार में, बारिश की कमी से अकोला में खरीफ बुआई प्रभावित

Akola Low Rainfall: अकोला जिले में कमजोर मानसून और कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो गई है। 4।37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का लक्ष्य तय है।

महाराष्ट्र डेस्क

Akola Kharif Sowing: अकोला जिले में इस वर्ष मानसून की कमजोर शुरुआत के कारण खरीफ फसलों की बुआई पर बड़ा असर पड़ा है। सामान्यतः 20 जून तक अधिकांश क्षेत्रों में बुआई का काम पूरा हो जाता है, लेकिन इस बार पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसान अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

जिले में लगभग 4 लाख 37 हजार 100 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन बारिश की कमी के कारण अधिकांश क्षेत्र में बुआई शुरू नहीं हो सकी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के चलते मानसून अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। नहीं हुई संतोषजनक वर्षारोहिणी नक्षत्र सूखा निकलने के बाद किसानों को मृग नक्षत्र से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस अवधि में भी संतोषजनक वर्षा नहीं हुई।

खाद और बीज पर्याप्त

कुछ किसानों ने सीमित वर्षा और उपलब्ध सिंचाई व्यवस्था के आधार पर मानसून पूर्व बुआई की थी, लेकिन अब नमी की कमी के कारण उन फसलों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दूसरी ओर जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी ने किसानों और नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे उमस और गर्मी का प्रभाव लगातार महसूस किया जा रहा है। मौसम में नमी की कमी और तेज गर्मी के कारण बुआई की गतिविधियां और अधिक प्रभावित हो रही हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पर्याप्त नमी सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 100 मि.मी. वर्षा होने के बाद ही बुआई करें।

खाद और बीज का पर्याप्त भंडार

खरीफ सीजन को देखते हुए जिले के लिए 1 लाख 14 हजार 200 मीट्रिक टन उर्वरकों का आवंटन स्वीकृत किया गया है। अब तक 76 हजार 114 मीट्रिक टन खाद का भंडार प्राप्त हो चुका है। इसमें से 46 हजार 268 मीट्रिक टन खाद की बिक्री हो चुकी है, जबकि 29 हजार 846 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

बीजों की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। अब तक 10 हजार 416 क्विंटल बीजों की बिक्री हुई है, जिसमें सर्वाधिक 7 हजार 550 क्विंटल सोयाबीन तथा 1 हजार 944 क्विंटल संकर कपास के बीज शामिल हैं। कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में 28 हजार 469 क्विंटल बीज का भंडार उपलब्ध है। कृषि विभाग का कहना है कि जिले में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। किसान केवल अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होते ही खरीफ बुआई में तेजी आने की उम्मीद है।

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