गोंदिया में मानसून का इंतजार, मृग नक्षत्र बीता लेकिन बारिश नहीं, खरीफ बुआई पर संकट के बादल

Monsoon Delay: गोंदिया जिले में मृग नक्षत्र शुरू होने के बाद भी मानसून नहीं पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ सीजन के लिए खेत पूरी तरह तैयार हैं।
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Gondia Farmers (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
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Gondia Weather Update: मृग नक्षत्र शुरू होने के बाद भी जिले में मानसून नहीं आया है। जिससे जिलावासियों को बारिश के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर खरीफ सीजन के लिए किसानों का पूर्वखेती का काम पूरा हो चुका है और किसान खरीफ की बुआई के लिए तैयार हैं।

किसानों के साथ ही सभी को अब मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर इस साल मानसून जल्दी आने की संभावना व्यक्त की गई थी। जिससे किसानों ने कृषि कार्य को प्राथमिकता देते हुए तेज गर्मी की परवाह न करते हुए जुताई, रोटावेटर से बुआई के लिए भूमि तैयार की। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए किसानों में असमंजस का माहौल है।

गोंदिया में सूखे जैसे हालात

खरीफ सीजन किसानों के लिए काफी अहम होता है। किसान इस मौसम पर अधिक ध्यान देते हैं। बुआई का मौसम किसानों के जीवन में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। यदि मानसून समय पर आता है तो बारिश होने पर कृषि उत्पादन में भारी वृद्धि होती है। इसलिए बुजुर्ग किसान मृग नक्षत्र शुरू होते ही बुआई करना शुरू कर देते हैं। इसके बावजूद कहीं भी तेज बारिश अभी तक नजर नहीं आई है। इसी प्रकार यदि खेत में कुओं में प्रचुर मात्रा में पानी होने के आधार पर बुआई की जाए तथा बारिश को देरी हो तो किसानों पर दोहरी बुआई की संभावना हो सकती है। लिहाजा किसानों की निगाहें अब आसमान की तरफ हैं। वहीं मृग नक्षत्र के इतने दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक बारिश नहीं होने से जिले के किसान चिंता में पड़ गए है।

बुआई योग्य बारिश न होने से किसान परेशान

खेती पर ही किसान का परिवार निर्भर है, ऐसे में बुआई के में लिए बारिश की शुरुआत करने वाले मृग नक्षत्र में प्रति वर्ष बुआई की जाती है, लेकिन अभी तक बुआई के योग्य बारिश नहीं हुई हैं। गत कुछ दिन पूर्व तक तेज गर्मी के कारण किसानों के बुआई पूर्व के खेती काम लड़खड़ा गए हैं। तेज गर्मी में किसानों को खेत में काम करना मुश्किल हो गया है।

किसानों की निगाहें आसमान पर

संपूर्ण वर्ष रोजीरोटी का इंतजाम करने के लिए किसान कड़ी महेनत कर खेतों में फसलों का उत्पादन करता है, लेकिन प्रति वर्ष किसी न किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को नुकसान सहन करना पड़ता है। आगामी कुछ दिनों में पर्याप्त बारिश होने पर बुआई कार्यों में तेजी देखी जा सकती हैं। अनेक किसानों ने इस वर्ष भी कर्ज लेकर विविध प्रकार के बीज को संग्रहित कर रखा है। वहीं कुछ किसान आज भी राशि के इंतजाम को लेकर भागदौड़ करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

जिला कृषि अधीक्षक निलेश कानवडे ने कहा कि देरी से करें बुआई मौसम विभाग ने जून माह में बारिश की संभावना व्यक्त की थी। इसलिए कुछ ही दिनों में विभिन्न फसलों की बुआई करना किसानों के लिए लाभकारी होगी। मानसून के आगमन के साथ जोरदार बारिश होने पर ही बुआई करना उचित होगा।

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