Akola Kharif Season 2026: रबी सीजन समाप्त होते ही जिले में खरीफ की तैयारी तेज़ हो गई है। लेकिन इस बार किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रासायनिक खादों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी है। दरों में हुई इस वृद्धि ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। खादों के भाव आसमान छू रहे हैं, जिससे છુ उत्पादन लागत दोगुनी होने की आशंका है। किसान वर्ग का कहना है कि जब लागत इतनी बढ़ रही है तो क्या उत्पादित माल को उचित बाजार भाव मिलेगा, यह सबसे बड़ा प्रश्न है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में खाद की प्रति बोरी कीमत में 400 से 900 रुपये तक की वृद्धि हुई है। सरकार कर रही राहत देने का प्रयास राज्य सरकार अनुदान के माध्यम से राहत देने का प्रयास कर रही है, लेकिन बाजार में किसानों को बढ़े हुए दरों का ही सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद जब उनका माल बाजार में आता है तो भाव गिरा दिए जाते हैं। कई बार तो उत्पादन लागत भी निकलना कठिन हो जाता है। इस कारण किसान आर्थिक संकट में फंस रहे है और ठोस उपायों की आवश्यकता है।
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अकोला किसानों का कहना है कि रासायनिक खादों की दरवृद्धि सामान्य किसान की पहुंच से बाहर हो गई है। यदि केंद्र सरकार ने तुरंत खादों की कीमतों में कटौती नहीं की तो खेती पर आधारित सभी वर्ग प्रभावित होंगे। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस संकट पर तुरंत ध्यान दिया जाए और किसानों को राहत दी जाए। इस दरवृद्धि ने खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि सरकार किसानों को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।