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अकोला जिले के 1 लाख 62 हजार 152 पात्र सूखाग्रस्त किसानों को दिवाली अग्रिम सहायता का लाभ मिला।
5 नवंबर तक किसानों के बैंक खातों में कुल 81 करोड़ 8 लाख रुपये जमा किए गए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा के अनुसार पात्र किसानों को दिवाली से पहले 5-5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
Akola Farmers Financial Aid: राज्य के 304 सूखाग्रस्त तहसीलों के पात्र किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत देने के लिए घोषित 5 हजार रु. की दिवाली अग्रीम सहायता के तहत अकोला जिले के 1 लाख 62 हजार 152 लाख किसान होंगे किसानों के लाभान्वित बैंक खातों में 81 करोड़ 8 लाख रु. जमा किए गए हैं।
5 नवंबर तक वितरित इस सहायता से जिले के सूखाग्रस्त किसानों को त्योहार के दौरान आर्थिक संबल मिला है। वहीं, तकनीकी अड़चनों या बैंक खाते के विवरण में त्रुटियों के कारण जिन पात्र किसानों के खातों में राशि जमा नहीं हो सकी है, उन्हें भी समस्याएं दूर कर सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे की स्थिति को देखते हुए पात्र किसानों को दिवाली से पहले पांच-पांच हजार रु. की अग्रीम सहायता देने की घोषणा की थी। इसके अनुसार राज्य सरकार के राजस्व, राहत एवं पुनर्वास तथा कृषि विभाग ने सहायता वितरण की प्रक्रिया तेज की। पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि जमा करने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को त्योहार के समय आर्थिक राहत मिल सके।
तकनीकी अड़चनें दूर कर शेष किसानों को भी मिलेगी राशि कुछ किसानों के बैंक खातों से संबंधित तकनीकी समस्याओं, खाते के विवरण में त्रुटियों अथवा अन्य कारणों से सहायता राशि जमा होने में विलंब हुआ है। ऐसे मामलों में संबंधित त्रुटियों को दूर करने की कार्रवाई जारी है।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी पात्र सूखाग्रस्त किसान सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए, राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव ने स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर शेष पात्र किसानों को भी दिवाली अग्रीम सहायता दी जाएगी। सहायता वितरण की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अमरावती विभाग के अंतर्गत अकोला जिले के 1 लाख 62 हजार 152 पात्र किसानों को कुल 81 करोड़ 8 लाख रु. की सहायता वितरित की गई है।
सूखे के कारण कृषि क्षेत्र प्रभावित होने और किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बीच यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिवाली के दौरान घरेलू जरूरतों और त्योहार से जुड़े खर्चों को पूरा करने में इस सहायता से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।