

Akola Kharif Crop Loss: खरीफ 2026 में बारिश की कमी, फसलों की स्थिति और जलसंचय का आकलन करने के बाद राज्य सरकार ने अकोला जिले की सभी 7 तहसीलों को सूखाग्रस्त जैसे हालात वाली सूची यानी ट्रिगर-1 में शामिल किया है।
इससे किसानों और नागरिकों को विभिन्न राहत उपायों का लाभ मिलेगा।
अकोला खरीफ सीजन में बारिश की कमी, फसलों की प्रतिकूल स्थिति और उपलब्ध जलसंचय को देखते हुए राज्य सरकार ने अकोला जिले की सभी सात तहसीलों को सूखाग्रस्त जैसे हालात वाली सूची (ट्रिगर-1) में शामिल किया है।
इस सूची में अकोट, अकोला, पातूर, तेल्हारा, मुर्तिजापुर, बालापुर और बार्शीटाकली तहसील शामिल हैं। सरकार के इस निर्णय से प्रभावित किसानों और नागरिकों को सूखाग्रस्त जैसे हालात में लागू विभिन्न राहत उपायों और रियायतों का लाभ मिल सकेगा।
कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर राज्य की 265 तहसीलों में सूखाग्रस्त जैसे हालात पाए गए हैं। इसी आकलन के आधार पर राज्य सरकार ने संबंधित क्षेत्रों को ट्रिगर-1 में शामिल करते हुए शासन निर्णय जारी किया है।
शासन निर्णय के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और नागरिकों को राहत देने के लिए कई उपाय लागू किए जाएंगे। इनमें जमीन राजस्व वसूली में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन और कृषि कर्ज की वसूली पर स्थगन जैसे उपाय शामिल हैं।
इसके अलावा कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत दी जाएगी। सूखाग्रस्त क्षेत्रों जैसे हालात में कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। स्कूल और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क में माफी तथा मनरेगा के कामों के मानकों में आवश्यक शिथिलता भी लागू की जाएगी।
खेती पर निर्भर किसानों और मजदूरों के लिए आवश्यकता के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने के साथ जलसंधारण के कामों को प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा।
पेयजल और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक नियोजन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल टैंकर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की वास्तविक स्थिति का तत्काल सर्वेक्षण कर पंचनामे करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं। सर्वेक्षण के दौरान फसलों की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और GPS निर्देशांक भी दर्ज किए जाएंगे।
इसके आधार पर फसल स्थिति की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। फसल नुकसान के संबंध में आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग शासन निर्णय के माध्यम से घोषित की जाएगी।
जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर ने कहा कि संकट के समय किसानों को सहयोग देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में फसल पंचनामे तत्काल पूरा करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं।