शंभु सेना आंदोलन (सोर्स: फोटो नवभारत)
अकोला

सीने पर पत्थर रख शंभु सेना का आंदोलन, अकोला में सूखा घोषित कर किसानों को तत्काल राहत देने की मांग

Akola Drought:अकोला में बारिश की कमी को लेकर शंभु सेना ने सीने पर पत्थर रखकर आंदोलन किया। सूखा घोषित करने, ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा और फसल बीमा देने की मांग।

मनीषा बोंदरे

Akola Unique Farmers Protest : अकोला जिले में बारिश की कमी से बनी सूखा सदृश स्थिति को लेकर शंभु सेना ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सीने पर पत्थर रखकर आंदोलन किया।

संगठन ने सूखा घोषित करने, फसल नुकसान का पंचनामा कर ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा और फसल बीमा की राशि तत्काल देने की मांग की।

सूखा घोषित करने की मांग

अकोला जिले में इस वर्ष बारिश की कमी और अनियमित बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सूखा सदृश स्थिति बनी हुई है। किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए शंभु सेना सामाजिक संगठन ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन किया। प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने सीने पर पत्थर रखकर किसानों की स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

आंदोलन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को मांगों का ज्ञापन भेजा गया। संगठन ने अकोला जिले में सूखा घोषित करने, प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वेक्षण और पंचनामा कराने तथा पात्र किसानों को ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग की।

फसल बीमा और कर्ज राहत की मांग

शंभु सेना ने पात्र किसानों को फसल बीमा की राशि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग भी की। संगठन के अनुसार, बारिश की कमी का असर सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंग, उड़द और फल बागानों समेत अन्य फसलों के उत्पादन पर पड़ा है। उत्पादन प्रभावित होने से किसानों का आर्थिक गणित बिगड़ गया है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

ज्ञापन में सूखाग्रस्त किसानों के कृषि कर्ज का पुनर्गठन, ब्याज में छूट और अन्य जरूरी राहत उपाय लागू करने की मांग की गई। संगठन ने प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वेक्षण कर पात्र किसानों को बिना देरी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की मांग

सूखाग्रस्त किसानों के साथ पशुधन के संकट को देखते हुए संगठन ने पशुओं के लिए चारा और पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा अगले खरीफ सीजन के लिए बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि निविष्ठाएं खरीदने हेतु किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी ज्ञापन में की गई।

संगठन ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था करने की मांग की गई।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

अकोला जिले में शंभु सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान एक साथ प्राकृतिक और प्रशासनिक स्तर की चुनौतियों का सामना कर रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर तत्काल ध्यान देकर राहत की घोषणा नहीं की, तो किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

आंदोलन में अश्विन प्रमोद पाचपोर, राजेश दांडेकर, गणेश गोगे, सचिन चांभारे, अतुल ठाकरे और बालू कसुरकार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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