

Yavatmal Bank Of Maharashtra Record Issue : कर्ज लिया नहीं, लेकिन नाम कर्जमाफी सूची में आ गया। यवतमाल के घाटंजी में सामने आए इस मामले ने किसान को हैरान कर दिया है।
बैंक रिकॉर्ड में उसके नाम पर ₹1,811 की बकाया राशि दर्ज है, जबकि किसान का दावा है कि उसे फसल ऋण की रकम कभी मिली ही नहीं।
घाटंजी में महाराष्ट्र सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 की सूची में किसान मनोज नारायणराव इगले के नाम पर ₹1,811 की बकाया राशि दर्ज दिखाई दी। किसान के अनुसार, उन्होंने किसी तरह का फसल ऋण नहीं लिया है। ऐसे में उनके नाम पर कर्ज खाते और बकाया राशि की प्रविष्टि सामने आने से सवाल खड़े हो गए।
मामले को लेकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की घाटंजी शाखा के रिकॉर्ड पर भी चर्चा शुरू हुई। किसान के नाम पर कर्जमाफी सूची में राशि दर्ज होने के बाद यह सवाल उठाया गया कि जब ऋण की रकम किसान को मिली ही नहीं, तो उसका नाम कर्जमाफी योजना में किस आधार पर आया।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, घाटंजी शाखा के प्रबंधक कौस्तुभ लाखो के अनुसार, किसान ने वर्ष 2021 में फसल ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक की ओर से ऋण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन कुछ कारणों से ऋण की राशि किसान को वितरित नहीं की गई।
प्रबंधक ने बताया कि ऋण प्रक्रिया के दौरान लगने वाली प्रोसेसिंग फीस किसान के खाते में डेबिट की गई थी। यही राशि समय के साथ बढ़कर वर्तमान में ₹1,811 हो गई और कर्जमाफी योजना की सूची में बकाया राशि के रूप में दिखाई दे रही है।
इस स्पष्टीकरण के मुताबिक, किसान को वास्तविक फसल ऋण की राशि नहीं मिली थी। बकाया राशि ऋण आवेदन की प्रक्रिया के दौरान लगी प्रोसेसिंग फीस से संबंधित है।
हालांकि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से प्रक्रिया स्पष्ट किए जाने के बाद भी कर्जमाफी सूची में इस राशि के शामिल होने को लेकर सवाल बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि यदि ऋण की राशि वितरित नहीं हुई थी, तो संबंधित खाते को कर्जमाफी योजना में किस प्रावधान के तहत शामिल किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
साथ ही किसान रिकॉर्ड में दर्ज ऋण आवेदन, बैंकिंग प्रक्रिया और बकाया राशि की प्रविष्टि की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बैंक और संबंधित सरकारी विभागों को ऐसी प्रविष्टियों के बारे में पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए, ताकि किसानों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।