प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Akot Environment Protection News: अकोट तहसील के ग्राम बेलोरा के गट क्रमांक 16 स्थित आरक्षित वन (कंपार्टमेंट क्रमांक बी-11) में पिछले डेढ़ से दो महीनों से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और पेड़ों की कटाई किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
वन अधिकारियों पर मिलीभगत की शिकायत
इस संबंध में शेख मोहम्मद शेख मकबुल उर्फ मुन्ना ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, वनमंत्री, पर्यावरण मंत्री, वनसचिव, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक, विभागीय आयुक्त अमरावती और जिलाधिकारी अकोला को लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत के अनुसार, लगभग 600-700 मीटर लंबाई, 12-15 मीटर चौड़ाई और 3-4 मीटर ऊंचाई वाले क्षेत्र में लाखों ब्रास मुरूम खोदकर ले जाया गया है और हजारों पेड़ों की कटाई की गई है।
इससे वन्य पशु-पक्षियों को भारी नुकसान हुआ है और जैव विविधता भी नष्ट हो रही है। इस काम के लिए पोकलेन, जेसीबी और ट्रकों का उपयोग किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित वन अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह गैरकृत्य हुआ है।
इसलिए मुख्य वनसंरक्षक (प्रादेशिक) अमरावती, उपवनसंरक्षक अकोला, सहायक वनसंरक्षक अकोला और वनपरिक्षेत्र अधिकारी अकोला पर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई उनकी वेतन से की जाए, यह मांग की गयी है। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए, इसके अलावा शिकायत की प्रतिलिपि मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।
एक दूसरे को बचाते अधिकारी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के अधिकारी अक्सर एक-दूसरे को बचाने के लिए जांच और कागजात तैयार करते हैं। काटेपूर्णा अभयारण्य का अनुभव, वन्यप्राणी हमले के मामले में झूठी मंजूरी और सरकार को हुए आर्थिक नुकसान का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के साथ गूगल मैप पर दर्ज अवैध उत्खनन और पौधों की अवैध कटाई के फोटो भी संलग्न किए गए हैं।