Re-NEET Impact Ahilyanagar News: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक और उसके बाद आयोजित हुई दोबारा परीक्षा का खामियाजा अब निर्दोष छात्रों और उनके गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां re-NEET में बेटी के कम अंक आने के सदमे से एक मजदूर पिता को दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया।
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर और रत्नागिरी के दापोली में भी जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया है।
अहिल्यानगर की रहने वाली छात्रा हर्षली यादव के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। मजदूर पिता ने तिनका-तिनका जोड़कर हर्षली की नीट कोचिंग का खर्च उठाया था। पहली बार पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हुई, और दोबारा हुई परीक्षा में अंक कम आने से आहत पिता को हार्ट अटैक आ गया। अब परिवार के पास न तो इलाज के लिए पर्याप्त पैसे हैं और न ही दोबारा कोचिंग के लिए।
वहीं अहिल्यानगर की ही दूसरी छात्रा निर्मंथ साल्वे को पहले प्रयास में 500 से अधिक अंक मिले थे, लेकिन री-नीट में उनके अंक घटकर महज 200 रह गए। उनकी मां भारती साल्वे ने बताया कि उन्होंने बेटी की पढ़ाई के लिए बैंक से कर्ज लिया था। छात्रों और अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि "वर्ष 2027 में नीट परीक्षा का पेपर दोबारा लीक नहीं होगा, इसकी गारंटी कौन देगा?" शिक्षकों ने मांग की है कि नीट परीक्षा हर राज्य स्तर पर अलग से आयोजित की जानी चाहिए।
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दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में वकीलों के संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। छत्रपति संभाजीनगर के ऐतिहासिक क्रांति चौक पर बड़ी संख्या में वकीलों ने एकत्र होकर सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
वकीलों ने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के समर्थन में नारे लगाए और छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की। स्थिति को देखते हुए क्रांति चौक परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
रत्नागिरी जिले के दापोली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले गुट) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। आरपीआई कार्यकर्ताओं ने अमानवीय लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निलंबन की मांग की।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति (SC) के प्रस्तावित उप-वर्गीकरण का कड़ा विरोध करते हुए तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा। आरपीआई ने चेतावनी दी है कि यदि उप-वर्गीकरण के फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो पूरे महाराष्ट्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।