Anna Hazare on AAP Split: शुक्रवार (24 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी के सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। आप के राज्यसभा सांसद रह चुके राघव चड्ढा, दीपक पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सियासी गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। आम आदमी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए है।
इस मामले में बयानबाजी ने जोर पकड़ लिया है। इस मामले पर महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे (Anna Hazare) का भी बड़ा बयान सामने आया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों के AAP छोड़कर BJP में शामिल होने पर अन्ना हजारे ने कहा, "लोकतंत्र में, कहां जाना है और कहां रहना है, यह पूरी तरह से किसी व्यक्ति की अपनी पसंद और राय का मामला है। अगर उन्होंने पार्टी छोड़ी है, तो ज़रूर उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा होगा या उनके अपने कुछ कारण रहे होंगे। अगर पार्टी ठीक से काम कर रही होती, तो वे उसे छोड़कर नहीं जाते।"
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा, संविधान में किसी भी पार्टी का नाम नहीं लिखा है। लोकतंत्र में लोग पूरी तरह से आज़ाद होते हैं; अगर किसी का मन कहीं और जाने का करता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। अगर पार्टियां ठीक से काम करतीं और अपने अंदरूनी अनुशासन को बनाए रखतीं, तो वे उन्हें छोड़कर नहीं जाते।"
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इस क्रम में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर इसे पंजाब के लोगों के साथ धोखा बताया। इसी बीच उन्होंने अपना घर शिफ्ट करने की बात भी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिय एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हाल के दिनों में, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर मेरी स्थिति को देखते हुए, केंद्र सरकार ने अदालत के आदेश पर मुझे एक मकान आवंटित किया था। अब मैं अपने परिवार के साथ उस मकान में शिफ़्ट हो गया हूं।
इस मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा में कुल 10 सांसद है। इनमें से 6 सांसदों ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। अब पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठाए जा रहे है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इसे पंजाब के लोगों के साथ धोखा बताया और इसे भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस का हिस्सा बताया।