Samruddhi Mahamarg Robbery Plot Foiled By Police: नासिक और छत्रपति संभाजीनगर में समृद्धि महामार्ग पर हुई लूट की घटनाओं के बाद पुलिस ने हाईवे पर गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसी बीच अहिल्यानगर जिले की कोपरगांव पुलिस ने समृद्धि महामार्ग पर लूट की तैयारी कर रही एक गैंग को गिरफ्तार कर बड़ी वारदात होने से पहले ही रोक दिया। पुलिस की सतर्कता के कारण आरोपियों की योजना नाकाम हो गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन चालकों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। उनका तरीका भी काफी चौंकाने वाला था। आरोपी सड़क पर खेलने में इस्तेमाल होने वाली नकली नोटें फेंककर वाहन चालकों का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले थे। चालक के रुकते ही उसे घेरकर लूटने की योजना बनाई गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक भरत शेलार (23), ओमकार मारुती जगताप (19), रोहित सुरेश परब और बाळकृष्ण राहुल सपकाले (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, लूट के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वाहन और अन्य सामान बरामद किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है।
कोपरगांव पुलिस का गश्ती दल समृद्धि महामार्ग क्षेत्र में नगर-मनमाड रोड पर रात के समय गश्त कर रहा था। इसी दौरान पुलिस को एक पुल के नीचे अंधेरे में चार लोग मालवाहक वाहन के साथ संदिग्ध स्थिति में खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने जब उनकी गतिविधियों पर नजर रखी तो बातचीत से उनके इरादों का पता चला।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक दूसरे से कह रहा था, "हायवेवर जो पहिला भेटेल, त्याचे रक्त काढायचे.. यानी हाईवे पर जो पहला व्यक्ति मिलेगा, उसे घायल कर बाकी लोगों में डर पैदा करना है, ताकि वे पैसे और गहने तुरंत दे दें। यह बातचीत सुनते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की सतर्कता से आरोपियों की साजिश वारदात को अंजाम देने से पहले ही नाकाम हो गई। नकली नोटों के जरिए वाहन चालकों को रोकने और फिर उन्हें लूटने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार और अन्य सामान जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
समृद्धि महामार्ग पर हालिया लूट की घटनाओं के बाद पुलिस पहले से ही सतर्क है। अब इस गैंग के पकड़े जाने के बाद हाईवे पर रात की गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और कड़ी किए जाने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी अन्य लूट की घटना से संबंध है या नहीं।