

Shashi Tharoor Praise BRICS Summit 2026: भारत इस हफ्ते 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। केंद्र सरकार इस आयोजन को अपनी उपल्बधी के तौर पर पेश कर रही है। जबकि कांग्रेस नेता यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि इससे देश को कोई बड़ा फायदा नहीं होगा।
इसी बीच कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। थरूर ने कांग्रेस के बाकी नेताओं से अलग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी को भारत के लिए सम्मान की बात कहा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के 11 देश मिलकर दुनिया की बड़ी आबादी और 41 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इसे गंभीरता से नहीं लेना गलती होगी।
शशि थरूर ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बात में कहा कि, ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन ग्लोबल साउथ के 11 महत्वपूर्ण खिलाड़ी जुट रहे हैं, जो बहुत अधिक विविधता वाले विचारों का सामूहिक प्रतिनिधित्व करते हैं और ये वे देश भी हैं जिनकी हम इस मौके पर अध्यक्षता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह किसी भी लिहाज से छोटी बात नहीं है। यह ऐसा कुछ है जिसे दुनिया को गंभीरता से लेना होगा। इस सम्मेलन में दुनियाभर के कई बड़े नेता शामिल होंगे। केवल ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के कुछ पर्यवेक्षक भी आ रहे हैं। यह भारत के लिए बहुत ही सम्मान की बात है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि ब्रिक्स के 11 देश मिलकर दुनिया की बड़ी आबादी और 41 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इसे गंभीरता से नहीं लेना गलती होगी।
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निरर्थक करार दिया था। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 साल में ब्रिक्स समिट से भारत को कोई फायदा मिला है या कोई ठोस नतीजा देखने को मिला है। हम BRICS, SCO, G20 और QUAD का हिस्सा हैं। हमें इससे क्या फायदा मिल रहा है, यह मुझे दिखाई नहीं देता। हालांकि, पहले BRICS समिट से कुछ ठोस फायदे जरूर मिले थे।
चिदंबरम के बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था और भाजपा नेताओं ने उन्हें नाराज फूफा बता दिया था। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, यह सोच 'नाराज फूफा' जैसी है, जो हमेशा नाराज रहते हैं। अगर आप आज कांग्रेस को देखें, तो BRICS समिट भारत में होने के बावजूद वे उसी 'नाराज फूफा' की तरह इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि जब देश का भला होता है तब वे उसका विरोध करते हैं।