उमरिया में 12 साल के मासूम को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा (सोर्स- सोशल मीडिया)
उमरिया

उमरिया में हरछठ की खुशियां मातम में बदलीं; दूध लेकर लौट रहे 12 साल के मासूम को हाईवा ने कुचला

Umaria Accident: उमरिया में हरछठ पर्व के दिन पसरा मातम, पूजा के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 साल के मासूम को रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी बस स्टैंड पर दर्दनाक हादसे में मौके पर ही मौत।

दीपक ताम्रकार, सजल रघुवंशी

Minor Crushed By Dumper Truck Umaria: उमरिया जिले में हरछठ पर्व की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। 12 वर्षीय मासूम दूध लेने के बाद साइकिल से अपने घर लौट रहा था, तभी रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार दर्दनाक हादसा अमरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हारी बस स्टैंड पर हुआ। बताया जा रहा है कि 12 वर्षीय बच्चा हरछठ के उपवास के लिए दूध लेने गया था। दूध लेकर वह साइकिल से अपने घर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पर तेज रफ्तार से गुजर रहे रेत से भरे हाईवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

त्योहार की खुशियां पलभर में बदलीं मातम में

हादसे के वक्त परिवार बच्चे के सुरक्षित घर लौटने का इंतजार कर रहा था। परिजनों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस घर में हरछठ पर्व को लेकर तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में भी हादसे को लेकर गहरा आक्रोश और दुख है।

पुलिस ने हाईवा कब्जे में लिया, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही अमरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही दुर्घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय हाईवा की गति कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

तेज रफ्तार भारी वाहनों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क पर दौड़ रहे भारी वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चिंता भी है कि आबादी और बाजार वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा। एक मासूम की जिंदगी सड़क पर हमेशा के लिए थम गई, लेकिन यह हादसा पीछे कई सवाल छोड़ गया है। अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग ऐसे क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी को मजबूत करें, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

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