Highlights:
उज्जैन के तराना रोड पर रात करीब 1:10 बजे कार और ऑटो की भिड़ंत।
टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरे।
हादसे के बाद दोनों चालकों के बीच विवाद और मारपीट हुई।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर टक्कर मारने का आरोप लगाया।
चिमनगंज थाना पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
Ujjain Car Auto Accident : उज्जैन के तराना रोड पर कार और ऑटो रिक्शा के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरे। हादसे के बाद दोनों चालकों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो मारपीट में बदल गया। सूचना पर पहुंची चिमनगंज थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर जांच शुरू की। दुर्घटना में किसी को गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है।
दुर्घटना गिरिराज रतन कॉलोनी के पास पेट्रोल पंप के नजदीक हुई। कार और ऑटो रिक्शा की आमने-सामने भिड़ंत के बाद दोनों वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरे। हादसे में ऑटो रिक्शा पलट गया, जबकि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार का अगला पहिया भी टूट गया।
उज्जैन में हादसे के बाद कार और ऑटो चालकों के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे को टक्कर के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद चिमनगंज थाना पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के मुताबिक, मंगल नगर निवासी गोपाल चौधरी ने शिकायत में आरोप लगाया कि वह ऑटो रिक्शा में था, तभी कार चालक ने उसके वाहन को टक्कर मार दी। गोपाल ने इस घटना में चोट लगने की बात कही है। वहीं, कनीपुरा रोड स्थित महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी कार चालक अंकित सोलंकी ने आरोप लगाया कि ऑटो चालक ने अपनी गाड़ी से कार को टक्कर मारी, जिससे उसे चोट आई।
दोनों वाहन चालकों की शिकायतों में हादसे के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस ने दोनों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अब दुर्घटना के वास्तविक कारणों के साथ ही टक्कर के बाद हुई मारपीट की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। हादसे की जिम्मेदारी किसकी थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
तराना रोड पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य के दौरान कुछ जगहों पर वाहनों के निकलने के लिए सीमित जगह होने से परेशानी की बात सामने आ रही है। ऐसे में आमने-सामने से आने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह नहीं मिलने का खतरा बना रहता है।
निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर पर्याप्त जगह, स्पष्ट संकेतक और जरूरत के मुताबिक यातायात नियंत्रण की व्यवस्था जरूरी है। खासकर रात के समय वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने में सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल उज्जैन पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।