

Highlights:
उज्जैन में तांबे के स्क्रैप से भरे पांच लोडिंग वाहन जब्त, पांच चालक गिरफ्तार।
स्क्रैप का वजन करीब 11 टन और वाहनों सहित कुल ग्रॉस वजन 16,575 किलो दर्ज।
बिल और परिवहन दस्तावेज नहीं मिलने पर चोरी के संदेह में पुलिस की जांच जारी।
Ujjain Copper Scrap Seizure : उज्जैन पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तांबे के स्क्रैप से भरे पांच टाटा एस लोडिंग वाहन जब्त किए हैं। पुलिस ने मौके से पांच वाहन चालकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रणकेश्वर मंदिर के पास ब्रिज के नीचे की गई। पुलिस के अनुसार, वाहन चालकों के पास स्क्रैप के संबंध में वैध बिल, बिल्टी और परिवहन दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद चोरी का माल होने के संदेह में वाहनों और उनमें भरे स्क्रैप को जब्त कर लिया गया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और पांच लोडिंग वाहनों की जांच की। वाहनों में प्लास्टिक की बोरियों में क्रिस्टलनुमा तांबे का चूरा भरा हुआ मिला। पूछताछ के दौरान चालक माल के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। पुलिस ने पंच साक्षियों की मौजूदगी में वाहनों और स्क्रैप को जब्त किया। कार्रवाई की मोबाइल फोन से वीडियोग्राफी भी कराई गई।
जब्त वाहनों और माल को सेंट पॉल स्कूल के पास स्थित श्री हरिओम धर्मकांटे पर ले जाकर तौल कराया गया। पुलिस के मुताबिक, पांचों वाहनों का कुल ग्रॉस वजन 16,575 किलोग्राम दर्ज किया गया। इसमें वाहन और उनमें भरा माल दोनों शामिल हैं। तांबे के स्क्रैप का वजन करीब 11 टन बताया गया है। पुलिस ने जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई है। यह वजन वाहनों सहित माल का है।
पुलिस ने मामले में सुरेश सोलंकी, राहुल चौहान, शंकर ढाला, रामकिशन पंवार और विनायक राठौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी इंदौर जिले के निवासी हैं। जब्त वाहनों में MP-09-AX-5704, MP-09-AJ-2175, MP-09-BK-4988 और MP-09-BR-4162 नंबर के वाहन शामिल हैं। पांचवां टाटा एस गोल्ड नया वाहन था, जिस पर नंबर दर्ज नहीं था।
उज्जैन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(e)/106 के तहत इस्तगासा क्रमांक 04/2026 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। जब्त वाहन और माल थाने में सुरक्षित रखवाए गए हैं। फिलहाल पुलिस तांबे के स्क्रैप के वास्तविक स्रोत, परिवहन दस्तावेजों और चोरी की आशंका से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। कार्रवाई में पंवासा और चिमनगंज मंडी थाना पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही है।