Ujjain Railway Station Train Accident : उज्जैन रेलवे स्टेशन पर जीआरपी आरक्षक की सतर्कता और साहस से एक महिला यात्री की जान बच गई। घटना 16 अगस्त की है, जब ट्रेन क्रमांक 20846 बीकानेर–बिलासपुर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-1 से रवाना हो रही थी। इसी दौरान चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही एक महिला यात्री अचानक अपना संतुलन खो बैठी। पैर फिसलने के बाद महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरने लगी। कुछ ही सेकंड में वह ट्रेन की चपेट में आ सकती थी।
महिला को खतरे में देख प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात जीआरपी आरक्षक दिलीप लोधी (आर.231) ने बिना समय गंवाए उसे बचाने के लिए तुरंत कदम उठाया। आरक्षक ने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला की ओर छलांग लगाई और उसे ट्रेन की चपेट में आने से पहले सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
घटना के दौरान महिला यात्री बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गई थी। ट्रेन लगातार आगे बढ़ रही थी और उसके प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच गिरने का खतरा था। ऐसे समय में आरक्षक दिलीप लोधी ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी, उससे महिला को ट्रेन के नीचे जाने से बचा लिया गया। उनकी इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली। पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
घटना के बाद ट्रेन को रोका गया। महिला यात्री को सुरक्षित किया गया और बाद में उसे ट्रेन में बैठाकर रवाना किया गया। हादसे में महिला की जान बचने के बाद जीआरपी अधिकारियों ने आरक्षक दिलीप लोधी के साहस और तत्परता की सराहना की।
जीआरपी के अनुसार आरक्षक दिलीप लोधी का यह कार्य कर्तव्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी, मानवीय संवेदनशीलता और अदम्य साहस को दर्शाता है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना महिला यात्री की जान बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई की। उनके इस उत्कृष्ट कार्य की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है और उन्हें सम्मानित एवं पुरस्कृत किए जाने की अनुशंसा प्रस्तावित की गई है।