दमोह में बड़ी लापरवाही: 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची, यात्री प्रतीक्षालय में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

Pregnant Woman Delivery: बम्होरी गांव में एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने से गर्भवती महिला ने यात्री प्रतीक्षालय में बच्चे को जन्म दिया। सरपंच प्रतिनिधि ने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया।
Damoh 108 Ambulance Delay
जच्चा और बच्चा (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Damoh 108 Ambulance Delay : दमोह जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जबेरा विकासखंड के ग्राम बम्होरी में समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण एक गर्भवती महिला को बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बाद में ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ने अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम बम्होरी निवासी 30 वर्षीय कविता बाई, पति स्वर्गीय रतन सिंह, को बुधवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार पहले से ही शोक में था, क्योंकि करीब 10 दिन पहले उनके पति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई थी और घर में गंगाजली कार्यक्रम चल रहा था।

एक घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस

परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया, लेकिन एंबुलेंस के करीब एक घंटे बाद पहुंचने की बात कही गई। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद महिला को पास के यात्री प्रतीक्षालय में बैठाया गया और दोबारा एंबुलेंस का इंतजार किया गया। परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंची, जबकि प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही थी।

यात्री प्रतीक्षालय में कराया गया प्रसव

स्थिति गंभीर होती देख गांव की महिलाओं ने साहस और तत्परता दिखाते हुए साड़ियों से अस्थायी पर्दा बनाया और प्रतीक्षालय में ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। प्रसूता के देवर नोने सिंह ने आरोप लगाया कि यदि समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की सहायता मिल जाती, तो महिला को ऐसी परिस्थितियों में प्रसव नहीं करना पड़ता। प्रसव के बाद बम्होरी सरपंच प्रतिनिधि रितेश राय ने अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में दोनों की जांच की गई, जहां मां और नवजात की हालत सामान्य बताई गई है।

ग्रामीणों में नाराजगी

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में भी 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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