उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का मगरमच्छ का मांस खाते वीडियो वायरल।
वीडियो थाईलैंड का बताया जा रहा है, कैप्शन में पहली बार मगरमच्छ का मांस चखने का जिक्र।
आयुक्त अभिलाष मिश्रा बोले- अधिकारी ने विदेश यात्रा के लिए विभागीय अनुमति नहीं ली।
नियमों के उल्लंघन पर वेतनवृद्धि रोकने से लेकर अन्य विभागीय कार्रवाई संभव।
Ujjain Municipal Building Officer Viral Video: उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में वे अपनी पत्नी के साथ मगरमच्छ का मांस खाते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो थाईलैंड का है। वीडियो के कैप्शन में अंग्रेजी में ‘Trying crocodile for the first time in Thailand’ लिखा है। इसका अर्थ है कि थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चखा। वीडियो सामने आने के बाद अधिकारी की विदेश यात्रा और इसके लिए आवश्यक अनुमति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
राजकुमार राठौर उज्जैन नगर निगम में भवन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास नगर निगम के जोन क्रमांक 1, 2 और 3 की जिम्मेदारी है। बताया जा रहा है कि उनके विदेश यात्रा के दौरान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। हालांकि, वीडियो कब बनाया गया और इसकी परिस्थितियां क्या थीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल चर्चा का मुख्य विषय विदेश यात्रा के लिए विभागीय अनुमति नहीं लिया जाना है।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, राजकुमार राठौर 19 से 23 अक्टूबर तक अवकाश पर हैं। आयुक्त ने बताया कि उन्होंने विदेश यात्रा के लिए अनुमति नहीं ली थी। नियमानुसार विदेश जाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक होता है। ऐसे में यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। मामले में अब विभागीय नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।
अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने भी मामले में कार्रवाई की संभावना जताई है। विभागीय नियमों के तहत निंदा, वेतनवृद्धि रोकने या पदोन्नति पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, यह जांच और नियमों के अनुसार तय होगा। फिलहाल मामले में किसी अंतिम विभागीय कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के आधार पर सामने आए तथ्यों और विदेश यात्रा से संबंधित अनुमति के विषय की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उन्हें फिलहाल मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने के बाद वीडियो और पूरे प्रकरण की सच्चाई की पुष्टि कराई जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, अधिकारी राजकुमार राठौर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में उनका पक्ष सामने आना बाकी है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।