Highlights:
उज्जैन के तालोद गांव की गिर गाय राधा प्रदेश में नंबर-1।
रोजाना औसतन 19.760 लीटर दूध देती है राधा।
208 वृंदावन ग्रामों की प्रतियोगिता में हासिल किया पहला स्थान।
9 नवंबर को भोपाल में CM डॉ. मोहन यादव करेंगे सम्मानित।
Ujjain Gir Cow Radha : मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन के मामले में उज्जैन जिले की एक गाय ने नया रिकॉर्ड बनाया है। जिले के तालोद गांव की गिर नस्ल की गाय 'राधा' प्रदेश की सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय चुनी गई है। पशुपालक गौरव रघुवंशी की इस गाय ने प्रतिदिन औसतन 19.760 लीटर दूध देकर प्रदेश की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए अब गाय के मालिक को राज्य सरकार एक लाख रुपए और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेगी।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के 208 चयनित वृंदावन ग्रामों में दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता कराई थी। इसमें अलग-अलग पशुपालकों की गायों के दूध उत्पादन का मूल्यांकन किया गया। तालोद के गौरव रघुवंशी की गिर नस्ल की गाय राधा ने औसतन 19.760 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन के साथ सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया। इसके आधार पर उसे प्रदेश में पहला स्थान मिला।
राधा की इस उपलब्धि के लिए पशुपालक गौरव रघुवंशी को 9 नवंबर 2026 को सम्मानित किया जाएगा। गोवर्धन पर्व पर भोपाल के रवींद्र भवन में राज्य स्तरीय गौ-पूजन एवं पशुपालक सम्मान समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस कार्यक्रम में प्रदेश के विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे। इसी दौरान गौरव रघुवंशी को एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार की 'गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना' के तहत दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता के विजेताओं को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है। इसमें पहले स्थान पर आने वाले पशुपालक को एक लाख रुपए, दूसरे स्थान वाले को 50 हजार रुपए और तीसरे स्थान वाले को 25 हजार रुपए दिए जाते हैं। पुरस्कार की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।
योजना का मकसद देशी गायों की उन्नत नस्लों को संरक्षित करने के साथ पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके तहत गिर, साहीवाल, थारपारकर, मालवी और निवाड़ी जैसी नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उज्जैन की गिर गाय राधा की सफलता ने जिले के पशुपालकों को भी नई पहचान दी है।