Ujjain Garba Event Restrictions: उज्जैन में बीएलएफ गरबा नवरात्रि 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सामाजिक न्याय परिसर में गरबा आयोजन को लेकर भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गरबा आयोजन में प्रवेश व्यवस्था को लेकर बयान दिया। सांसद ने कहा कि यह आयोजन मां की आराधना और शक्ति की उपासना से जुड़ा है। पिछले वर्ष सामाजिक न्याय परिसर में नौ दिवसीय गरबा का आयोजन शुरू किया गया था और इस वर्ष इसका दूसरा आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि आयोजन में बेटियां और परिवार के अन्य सदस्य गरबा करेंगे।
गरबा आयोजन में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि पिछले वर्ष भी स्पष्ट किया गया था कि गैर हिंदुओं को आयोजन में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस वर्ष भी इसी व्यवस्था को लागू रखने की बात उन्होंने कही। सांसद ने दो टूक कहा कि गरबा आयोजन में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उनके इस बयान के बाद आयोजन की प्रवेश व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
अनिल फिरोजिया ने कहा कि सभी लोगों को अपने-अपने धर्म और आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोग भी दूसरे धर्मों के धार्मिक आयोजनों में नहीं जाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने दूसरे धर्म के लोगों से भी गरबा आयोजन में नहीं आने की बात कही। सांसद ने आयोजन को धार्मिक आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा कि इसमें परिवार और बेटियां गरबा करेंगी।
प्रवेश प्रतिबंध की व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों को लेकर सांसद ने कानूनी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति तय व्यवस्था और नियमों को तोड़कर आयोजन में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब आयोजन समिति की ओर से प्रवेश को लेकर किस तरह की व्यवस्था और जांच की जाएगी, यह आयोजन के दौरान स्पष्ट होगा।
इस बार बीएलएफ गरबा नवरात्रि में पंडाल को बगलामुखी माता की थीम पर सजाया जाएगा। आयोजन सामाजिक न्याय परिसर में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक होगा। आयोजकों की ओर से नवरात्रि के दौरान नौ दिवसीय गरबा कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। भूमि पूजन के साथ ही आयोजन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सांसद के बयान के बाद इस बार गरबा आयोजन में प्रवेश व्यवस्था भी प्रमुख चर्चा का विषय बनी हुई है।