ट्रीमैन विष्णु लांबा (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उज्जैन

हाथ में बिल्व का पौधा लेकर महाकाल दरबार पहुंचे 'ट्रीमैन' विष्णु लांबा; पर्यावरण संरक्षण के लिए की दंडवत यात्रा

Vishnu Lamba Environmental Awareness Campaign: ट्रीमैन' विष्णु लांबा ने उज्जैन में की कठिन दंडवत यात्रा, करोड़ों पौधों के कागजी दावों पर तंज कसते हुए महाकाल से कड़े विलेख की मांग की।

सजल रघुवंशी

Tree Man Vishnu Lamba In Mahakal Temple: पर्यावरण संरक्षण को एक बड़ा जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से 'ट्रीमैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध देश के प्रख्यात पर्यावरणविद् विष्णु लांबा उज्जैन पहुंचे। शहर की सीमा पर स्थित महामृत्युंजय द्वार से उन्होंने हाथ में भगवान शिव को प्रिय बिल्व पत्र का पौधा लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर तक बेहद कठिन दंडवत यात्रा की।

जयपुर से चलकर बाबा महाकाल की पावन धरा पर पहुंचे विष्णु लांबा की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आमजन, समाज और सरकार को प्रकृति के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराना है।

भगवान शिव हैं विश्व के प्रथम पर्यावरणविद्

अपनी आस्था और यात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए ट्रीमैन विष्णु लांबा ने कहा कि बाबा महाकाल के प्रति मेरी बचपन से ही विशेष आस्था रही है। हमारे लिए भगवान शिव और बाबा महाकाल पर्यावरण के सर्वोत्तम प्रतीक हैं, जिन्हें हम विश्व के प्रथम पर्यावरणविद् के रूप में देखते हैं। भगवान शिव का पूरा जीवन हमें प्रकृति का संरक्षण सिखाता है। उनके सर पर विराजमान गंगा जल संरक्षण का, बाघंबर वन्यजीव संरक्षण का, उनके गले का सांप वाइल्डलाइफ़ (जैव विविधता) का और उन्हें प्रिय बिल्व, रुद्राक्ष व धतूरा औषधीय पौधों के महत्व का प्रतीक हैं।

'एक पेड़ माँ के नाम' और क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प

यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी लोक कल्याणकारी अभियान 'एक पेड़ माँ के नाम' को गति देने के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा चलाई जा रही पर्यावरणीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनी है। गौरतलब है कि विष्णु लांबा को मध्य प्रदेश शासन के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में बतौर ब्रांड एंबेसडर सेवा करने का अवसर मिला है, जिसका एक वर्ष का कार्यकाल उन्होंने हाल ही में पूर्ण किया है।

31 वर्षों की तपस्या: 18-20 लाख पेड़ों को कटने से बचाया

जब विष्णु लांबा से पूछा गया कि वे पौधों को बचाने के लिए और क्या प्रयास कर रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि उनकी संस्था 'श्री कल्पतरु संस्थान' पिछले 31 वर्षों से लगातार धरातल पर काम कर रही है। बक्सवाहा फॉरेस्ट, बांडी का बाव क्षेत्र, बनास, कालवाड़, गोपाल योजना, बीटू बाईपास और नेशनल हाईवे जैसी कई बड़ी परियोजनाओं में जहां अंधाधुंध पेड़ काटे जा रहे थे, वहां उन्होंने कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़कर लगभग 18 से 20 लाख पेड़ों को कटने से बचाया है।

सरकारों और अन्य संस्थाओं पर कसा तंज

उन्होंने सरकारों और अन्य संस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि मेरी बस यही प्रार्थना है कि आप केवल कागजों पर या करोड़ों पौधे लगाने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं मत कीजिए। हमें कल्पतरु संस्थान के माध्यम से जनता के सहयोग से काम करते हुए 31 साल लग गए, लेकिन आज हमारे लगाए हुए डेढ़ करोड़ पौधे जीवित हैं, जिन्हें धरातल पर देखा जा सकता है।

बाबा महाकाल के जयकारों और दंडवत यात्रा के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए ट्रीमैन विष्णु लांबा ने अंत में देशवासियों से अपील की, "इस यात्रा से मिलने वाली ऊर्जा अद्भुत है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि इस धरती की हरियाली और मानवता की खुशहाली के लिए आगे आएं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ें।

https://youtu.be/_fPAzLgaLEo?si=mNlmI-cR-SEt42qE

मछली शाकाहारी से आस्था का अपमान तक, अजय राय के भोज पर गरमाई सियासत, कहा- कथनी और करनी में अंतर

Monsoon Alert: बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, ओडिशा-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश से मचेगा हाहाकार

Explainer: स्पेस से ही दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाएगा भारत, दोहरी सुरक्षा तय, क्या है Space-Eye टेक्निकलॉजी?

दिल्ली ITO के पास सड़क हादसा, दो विधायकों समेत कई घायल, LNJP अस्पताल में कराया गया भर्ती

पुण्यतिथि विशेष: कभी नहीं जीते आम चुनाव, फिर भी वाजपेयी-मोदी सरकार में बने मंत्री! अरुण जेटली की अनोखी कहानी