Kuwait Airport Missile Attack Manjoor Ahmed Died: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलों से भारी हमला किया। हमले में एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 63 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है।
इस हमले ने मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। हमले में राज रॉयल कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय मंजूर अहमद की जान चली गई। मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे थे और 8 जून को अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए उज्जैन आने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही हुए इस हमले ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
मंजूर अहमद के बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस दौरान मंजूर काफी खुश थे और उन्होंने कहा था कि वे नागदा वाली ट्रेन से घर पहुंचेंगे, इसलिए रेलवे स्टेशन लेने आ जाना। परिवार उनके स्वागत की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की दुखद खबर पहुंच गई। मंजूर अहमद अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को हवाई मार्ग से गुजरात के अहमदाबाद तक पहुंचाने में दूतावास परिवार की मदद कर रहा है। हालांकि, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित परिवार के सामने अब एक नया संकट खड़ा हो गया है। दुखी परिवार का कहना है कि अहमदाबाद से पार्थिव शरीर को उज्जैन लाने की आर्थिक क्षमता उनकी नहीं है। ऐसे में बेबस परिजनों ने मध्य प्रदेश सरकार और उज्जैन जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें अहमदाबाद से उज्जैन तक के लिए एक एंबुलेंस मुहैया कराई जाए।
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कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय कामकाज और रोजगार के सिलसिले में रहते हैं। हालिया हमले ने एक बार फिर भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है। इससे पहले हुए हमले में भी 10 भारतीयों की जान चली गई थी। उज्जैन निवासी मंजूर अहमद अपनी भांजी की शादी में शामिल होने भारत लौट रहे थे और घर आने की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन इसी बीच ईरान द्वारा एयरपोर्ट पर किए गए हमले में उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।