Highlights:
दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी के आरोपियों को जेल भेजने की मांग की।
EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही।
यात्रा के असर पर दिग्विजय सिंह के ‘बेशर्म’ वाले बयान की चर्चा।
अमृता राय ने सनातन धर्म को गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
उज्जैन से ओरछा होते हुए अयोध्या तक जाएगी यात्रा।
Digvijaya Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन धार्मिक संदेशों के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में रही। बुधवार को उज्जैन के कनीपुरा से आगे बढ़ी यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे उठाते हुए कहा, “चंदा चोरों को पकड़ो, जेल भेजो, बचाओ मत।
वोट चोरी बंद करो। EVM हमें नहीं चाहिए, हमें बैलेट पेपर से चुनाव चाहिए।” वहीं, यात्रा के असर को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो बेशर्म होंगे, उन्हें इस यात्रा से फर्क पड़ेगा, जबकि जिनमें शर्म नहीं है, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने धार्मिक स्थलों पर चंदे की व्यवस्था में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने चंदा चोरी के आरोपियों को जेल भेजने की मांग की और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही। उनके इन बयानों ने यात्रा के धार्मिक उद्देश्य के साथ राजनीतिक मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया।
पत्रकारों ने जब दिग्विजय सिंह से यात्रा के प्रभाव को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने ‘बेशर्म’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए जवाब दिया। उनके बयान के बाद यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। यात्रा की आधिकारिक प्रवक्ता अमृता राय ने कहा कि यात्रा का असर कितना होगा, इसका आकलन जनता और श्रद्धालु स्वयं करेंगे।
यात्रा के दूसरे दिन बुधवार सुबह उज्जैन के कनीपुरा से इसका कारवां आगे बढ़ा। निर्धारित मार्ग के अनुसार, यात्रा देवनखेड़ी और ताजपुर होते हुए तराना विधानसभा क्षेत्र की ओर बढ़ी। ग्राम सिंदुरिया में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रखा गया। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालु रथ, कलश और डीजे की धुन के साथ शामिल हुए। कई स्थानों पर यात्रा का स्वागत भी किया गया।
दिग्विजय सिंह की पत्नी और यात्रा की प्रवक्ता अमृता राय भी पदयात्रा में शामिल हैं। उन्होंने सनातन धर्म को सत्य, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। उन्होंने शिव को दर्शन और भगवान राम को आदर्शों तथा आचरण की मर्यादा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यात्रा का उद्देश्य शिव के दर्शन को राम के आदर्शों के साथ जोड़ना है। उन्होंने आस्था के केंद्रों में पारदर्शिता बनाए रखने और लोगों के विश्वास को कायम रखने पर भी जोर दिया।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दान और चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, मंदिरों की संपत्तियों और निर्माण कार्यों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करने तथा लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा के लिए जनजागरण करना बताया गया है। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
यात्रा उज्जैन से शुरू होकर ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। पहले जारी जानकारी में इसकी लंबाई करीब 930 किलोमीटर बताई गई है। यात्रा में साधु-संतों, समर्थकों और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की भागीदारी है। आयोजकों के मुताबिक, पंजीकृत यात्रियों की संख्या दो हजार से अधिक बताई जा रही है, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
यात्रा के दौरान निर्धारित कार्यक्रम और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने यात्रा में केवल तय किए गए दो नारों के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। यात्रा में कांग्रेस नेताओं और राजस्थान से आए नाथ समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी भी बताई गई है। फिलहाल यात्रा उज्जैन जिले के तराना विधानसभा क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। इसके धार्मिक संदेशों के साथ दिग्विजय सिंह के बयानों पर भी राजनीतिक चर्चा जारी है।