दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू, 70 दिन में 950 किमी पैदल चलकर अयोध्या पहुंचेंगे

Ujjain Satya Sanatan Swabhiman Yatra : दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा उज्जैन से शुरू हुई। पत्नी अमृता सिंह के साथ पूजन के बाद शुरू हुई 950KM की यात्रा करीब 70 दिनों में अयोध्या पहुंचेगी।
Digvijay Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra
दिग्विजय सिंह की यात्राफोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा विजयादशमी पर उज्जैन से शुरू हुई।

  • करीब 950 किलोमीटर की पदयात्रा लगभग 70 दिनों में अयोध्या पहुंचेगी।

  • मंदिरों में चढ़ावे, सोने की चोरी और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के मुद्दे उठाने का दावा।

  • राम दरबार की प्रतिमाओं और पांच पवित्र नदियों के जल से सजाया गया यात्रा का रथ।

  • आयोजकों ने पहले दिन करीब 3 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया।

Digvijay Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से शुरू हुई। यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया और कन्या भोज कराया।

इसके बाद बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर यात्रा की शुरुआत की गई। करीब 950 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा लगभग 70 दिनों में अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने का कार्यक्रम है।

चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन के साथ शुरुआत

यात्रा के पहले दिन की शुरुआत चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन के साथ हुई। इसके बाद नृसिंह घाट स्थित बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और पूजन किया गया। दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और यात्रा की सफलता की कामना की। इसके बाद उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन में यात्रा नृसिंह घाट, महाकाल, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, कमरी मार्ग, कंठाल, निजातपुरा, कोयला फाटक और गाड़ी अड्डा सहित विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ेगी।

मंदिरों की व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा उठाएंगे

दिग्विजय सिंह ने यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे, सोने की चोरी की घटनाओं और मंदिरों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाना बताया है। उनके अनुसार, यात्रा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं निकाली जा रही है। आयोजकों ने पहले दिन करीब 3 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया है। आगे ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोगों के यात्रा में जुड़ने की उम्मीद जताई गई है। यात्रा के माध्यम से धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं और उनसे जुड़े सवालों को सामने लाने की बात कही गई है।

राम दरबार और पांच पवित्र नदियों के जल से सजा रथ

यात्रा का प्रमुख आकर्षण विशेष रूप से सजाया गया रथ है। इस रथ पर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। इसके साथ गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा नदियों के जल से भरे कलश भी रखे गए हैं। यात्रा को विभिन्न संतों का आशीर्वाद मिलने की बात कही गई है। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा सहित कई संतों की मौजूदगी भी बताई गई है।

Digvijay Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra
विजयादशमी पर CM मोहन यादव का संबोधन; शस्त्र पूजन से लेकर पुलिसिंग और भर्तियों तक किए बड़े ऐलान

मध्य प्रदेश के कई जिलों से होकर अयोध्या पहुंचेगी पदयात्रा

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का निर्धारित मार्ग उज्जैन से शुरू होकर तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी से होकर उत्तर प्रदेश की ओर जाएगा। इसके बाद तालबेहट, जेरोन, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ क्षेत्र और बाराबंकी होते हुए अयोध्या पहुंचने की योजना है। करीब 950 किलोमीटर की इस पदयात्रा में लगभग 70 दिन लगने का अनुमान है। यात्रा में मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा का विषय रही। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाना है।

Navbharat Live
navbharatlive.com