Sheopur News In Hindi: श्योपुर में हाईवे पर ढाई साल की मासूम बच्ची फेंकने के मामले में भोपाल में रहने वाली उसकी केयर टेकर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बच्ची की केयर टेकर बबीता नाविक का दावा है कि खुद को बच्ची का पिता बताने वाला आकाश मौर्य करीब एक महीने पहले बच्ची को रखने का प्रस्ताव देने उनके घर आया था। साथ ही पूरी कानूनी प्रक्रिया कराने की भी बात कही थी।
बबीता के अनुसार, बच्ची करीब 2 साल की उम्र तक आरोपी दंपत्ति के साथ रही। इस दौरान मासूम से मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता था। बबीता ने बताया कि उन्हें बच्ची पर दया आती थी और वे उसे बचाने के लिए कई बार दंपती से मिन्नतें करती थीं। बच्ची उनसे काफी जुड़ गई थी और उनसे अलग होने पर डरती थी।
बबीता ने बताया कि उन्हें बच्चों की देखरेख के लिए 20 हजार रुपए महीने पर रखा गया था, लेकिन तीन महीने तक सैलरी नहीं मिली। बच्ची के साथ हो रहे अत्याचार और वेतन न मिलने के कारण उन्होंने काम छोड़ दिया। उनका आरोप है कि बच्ची की खास देखभाल करने पर दंपती को आपत्ति होती थी।
बबीता को सोशल मीडिया पर श्योपुर की एक रील मिली, जिसमें बच्ची की पहचान हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और खुद पुलिस को भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित आकाश के घर तक ले गई, जहां से पुलिस ने आकाश और उसकी पत्नी कृतिका को हिरासत में लिया।
श्योपुर पुलिस ने दंपती से बच्ची को अडॉप्टेशन के दस्तावेज मांगे लेकिन अब तक दंपती दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। अब पुलिस दंपती से बच्ची के असल मां पिता की जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस बच्ची के असल मां पिता से भी बातचीत करेगी।
पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जहां से उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी के एंगल से भी कर रही है। दंपती के पास पहले से दो बच्चे होने के बावजूद इस बच्ची को कहां से और कैसे लाया गया, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या बच्ची की खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।