सीहोर में सिवन नदी सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार (सोर्स- सोशल मीडिया) 
सीहोर

सीहोर में सिवन नदी सौंदर्यीकरण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा; घटिया पत्थरों और नाममात्र की सीमेंट से हो रहा निर्माण

Sivan River Poor Construction: सीहोर की सिवन नदी के पेंचिंग कार्य में नियमों को ताक पर रख चल रहा घटिया निर्माण, भुरभुरे पत्थरों और डस्ट के इस्तेमाल पर भड़की जनता, तकनीकी जांच की मांग।

सजल रघुवंशी

Sehore Beautification Project Corruption Allegations: सीहोर शहर की जीवनदायिनी कही जाने वाली सिवन नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।

नदी के घाटों और किनारों को मजबूती देने के लिए की जा रही पेंचिंग (पिचिंग) के कार्य में नियमों को ताक पर रखकर सरेआम घटिया निर्माण सामग्री का खेल चल रहा है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे हो रहे इस घटिया निर्माण से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।

​नियमों को ताक पर रखकर कमजोर पत्थरों का उपयोग

​स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुसार सिवन नदी की पेंचिंग के लिए मजबूत और कठोर पत्थरों (बोल्डर्स) का उपयोग किया जाना अनिवार्य था, जिससे बाढ़ या तेज बहाव की स्थिति में कटाव को रोका जा सके। इसके विपरीत, ठेकेदार द्वारा अत्यधिक घटिया, भुरभुरे और कमजोर पत्थरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। ये पत्थर पानी के हल्के दबाव और धूप के प्रभाव से ही टूटने लगे हैं।

​कंक्रीट और सीमेंट में भारी कटौती

​इतना ही नहीं, पेंचिंग को मजबूती देने के लिए इस्तेमाल होने वाला कंक्रीट मैटेरियल भी बेहद निम्न स्तर का है। निर्माण में प्रयुक्त हो रहे मसाले में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट मिलाई जा रही है। मजबूत रेत के स्थान पर बारीक चूरी (डस्ट) का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इस सूखे और कमजोर मिश्रण के कारण पत्थरों की पकड़ बेहद कमजोर है, जो पहली ही तेज बारिश के बहाव में ढहने की कगार पर पहुंच जाएगी।

​नगर पालिका अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल

​इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सीहोर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। जनता यह पूछने पर मजबूर है कि क्या नगर पालिका के आला अधिकारियों को यह खुली अनियमितता दिखाई नहीं दे रही? निर्माण स्थल पर न तो कोई तकनीकी पर्यवेक्षक (इंजीनियर) मौजूद रहता है और न ही अधिकारी औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों की यह अनदेखी या तो उनकी घोर लापरवाही को दर्शाती है या फिर ठेकेदार के साथ किसी मौन सांठगांठ की ओर इशारा करती है।

सीहोर जिले के स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि इस घटिया निर्माण कार्य की तुरंत उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, काम को रुकवाकर गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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