CM मोहन यादव ने दिए निर्देश; कहा- स्वतंत्रता दिवस पर प्रभारी मंत्री जनता के सामने रखें सारी जानकारी

CM Mohan Yadav News: सीएम मोहन यादव का बड़ा निर्देश, मध्य प्रदेश में अब विश्राम घाटों पर ही होगी मृत्यु पंजीयन की व्यवस्था, 15 अगस्त को प्रभारी मंत्री करेंगे विकास कार्यों का सोशल ऑडिट।
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सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CM Mohan Yadav Review Meeting: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों में संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे।

इसके साथ ही समारोह स्थलों पर विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इसे विकास कार्यों के एक प्रकार के “सोशल ऑडिट” के रूप में बताया, जिससे आम नागरिकों को सरकार की उपलब्धियों की जानकारी मिल सकेगी।

जिला विकास समितियों को मिलेगी बड़ी भूमिका

बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला विकास समितियों की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी भोपाल में जिला विकास समितियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इन समितियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विधानसभा क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और किफायती आवास निर्माण में पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार सांख्यिकीय आंकड़ों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की बात भी कही।

मृत्यु पंजीयन और विकास सूचकांकों को लेकर नए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विश्राम घाटों पर ही मृत्यु पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। इससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार तय किए जाएं। औद्योगिक, कृषि प्रधान और वन क्षेत्रों वाले जिलों के लिए अलग-अलग विकास मानक निर्धारित किए जाने चाहिए, ताकि योजनाओं का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।

जल संरक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 1.37 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवांकुर समितियों ने कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदी घाटों की सफाई सहित कई जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु परिवारों के चिन्हांकन अभियान के तहत अब तक 25 हजार से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसके अलावा मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी लगातार संचालित किए जा रहे हैं।

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