इछावर में घटिया सड़क निर्माण का आरोप, पार्षद ने हाथ से उखाड़ी सड़क।
सीसी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, निरीक्षण के दौरान उखड़ी निर्माण सामग्री।
वार्ड 12 में सड़क निर्माण को लेकर हंगामा, पार्षद और ठेकेदार प्रतिनिधि में बहस।
पार्षद साक्षी मालवीय ने लगाए अनियमितताओं के आरोप, सीएमओ ने किया निरीक्षण।
Controversy Over Poor Quality CC Road Sehore: मध्य प्रदेश के इछावर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 12 में सीसी सड़क निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय रहवासियों की शिकायत पर पार्षद साक्षी मालवीय ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और तय मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए।
निरीक्षण के दौरान पार्षद ने सड़क की सामग्री को हाथ से खींचकर उखाड़ा, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। मामले में कथित ठेकेदार प्रतिनिधि के व्यवहार को लेकर भी विवाद हुआ है।
स्थानीय रहवासियों ने वार्ड क्रमांक 12 में बन रही सीसी सड़क के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बाद पार्षद साक्षी मालवीय मौके पर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क की सामग्री को हाथ से खींचा तो वह आसानी से उखड़ गई। पार्षद ने इसे घटिया निर्माण का प्रमाण बताते हुए काम की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से निर्माण कार्य रोककर मानकों के अनुसार काम कराने की मांग की।
मौके पर मौजूद उमेश चौरसिया ने खुद को इंजीनियर और ठेकेदार का प्रतिनिधि बताया। पार्षद ने जब निर्माण कार्य रोकने की बात कही तो आरोप है कि चौरसिया ने उनसे कहा, "काम नहीं रुकेगा, आपसे जो बने कर लो।" इस बात को लेकर मौके पर हंगामा हुआ। पार्षद ने उनके व्यवहार को दबंगई और अभद्रता बताते हुए आपत्ति जताई।
पार्षद साक्षी मालवीय ने आरोप लगाया कि उमेश चौरसिया पहले नगर परिषद में इंजीनियर रह चुके हैं। नौकरी छोड़ने के बाद वह परिवार के नाम पर शिखर कंस्ट्रक्शन बनाकर नगर परिषद के ठेके हासिल कर रहे हैं। नगर परिषद पार्षद ने उनके पूर्व निर्माण कार्यों और दुकानों की छत गिरने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए सवाल उठाए। हालांकि, चौरसिया ने सफाई देते हुए कहा कि यह ठेका उनका नहीं, बल्कि उनके किसी परिचित का है और वह केवल काम देखने पहुंचे थे।
मामले में सीहोर जिले के इछावर के सीएमओ अनिल बिदुआ ने बताया कि पार्षद की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने स्वयं निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण निर्धारित गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए। अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और शिकायतों पर नगर परिषद की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।