Highlights :
एमपी पुलिस के 7500 आरक्षक पदों के लिए 7.54 लाख आवेदन मिले।
एक पद के लिए औसतन 100 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला।
भर्ती में 9933 बीई डिग्रीधारी इंजीनियरों ने आवेदन किया।
28 पीएचडी धारक भी आरक्षक बनने की दौड़ में शामिल।
वर्ष 2025 में करीब 9.76 लाख आवेदन आए थे।
MP Constable Vacancy : एमपी में सरकारी नौकरी पाने की होड़ किस कदर बढ़ गई है इसकी तस्वीर मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती के आंकड़ों से सामने आई है। मध्यप्रदेश में 7500 आरक्षक पदों के लिए करीब 7.54 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। खास बात ये है कि इन आवेदकों में हजारों इंजीनियर और पीएचडी धारक भी शामिल हैं। आरक्षक पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से कहीं अधिक पढ़ाई कर चुके युवा भी भर्ती परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आंकड़ों देखकर यहां पर 'एक अनार सौ बीमार' वाली कहावत बिल्कुल फिट बैठ रही है। मध्यप्रदेश पुलिस में 7500 आरक्षक पदों के लिए कुल 7.54 लाख आवेदन मिले हैं। इस हिसाब से हर एक पद के लिए औसतन 100 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं की दिलचस्पी और प्रतियोगिता की तीव्रता को दर्शा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में आरक्षक भर्ती के लिए करीब 9.76 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इस बार ये संख्या घटकर 7.54 लाख रह गई है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 2.22 लाख कम आवेदन आए हैं। इसके बावजूद पदों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक है।
एमपी पुलिस भर्ती की सबसे चौंकाने वाली बात आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार आरक्षक बनने के लिए 9933 BE डिग्रीधारी इंजीनियरों ने आवेदन किया है। वहीं 28 PhD धारक भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए हैं।
आरक्षक पद भर्ती के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता आमतौर पर 10वीं या 12वीं स्तर की होती है। इसके बाद भी उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं का बड़ी संख्या में आवेदन करना रोजगार के अवसरों और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
सरकारी नौकरी में नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के कारण युवाओं का रुझान पुलिस भर्ती की ओर बना हुआ है। रोजगार के सीमित अवसरों और निजी क्षेत्र में करियर की अनिश्चितता के बीच उच्च शिक्षित अभ्यर्थी भी आरक्षक जैसे पदों के लिए प्रयास कर रहे हैं।