Highlights :
इछावर नगर परिषद के शिलाफट्टों पर कैबिनेट मंत्री को बताया राज्य मंत्री।
विधायक करण सिंह वर्मा के पदनाम में हुई प्रशासनिक चूक।
नगर परिषद अध्यक्ष और CMO की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए तैयार कराए गए थे बोर्ड।
Karan Singh Verma Designation Mistake : एमपी के कैबिनेट मंत्री और इछावर विधायक करण सिंह वर्मा के पदनाम को लेकर नगर परिषद इछावर की बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। नगर परिषद की ओर से विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए तैयार कराए गए आधिकारिक शिलाफट्टों पर करण सिंह वर्मा को कैबिनेट मंत्री के बजाय 'राज्य मंत्री' लिख दिया गया। मंत्री के पदनाम में हुई इस गलती के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करण सिंह वर्मा इछावर विधानसभा क्षेत्र के विधायक होने के साथ इसी क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में उनके पद और सरकारी प्रोटोकॉल की जानकारी स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों को नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस चूक पर नाराजगी जताई है।
शिलाफट्टों पर हुई इस गलती के बाद नगर परिषद के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लोगों का सवाल है कि विकास कार्यों के आधिकारिक बोर्ड तैयार कराने से पहले नाम और पदनाम की जांच क्यों नहीं की गई? क्या संबंधित अधिकारियों को ये जानकारी नहीं थी कि करण सिंह वर्मा प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं?
जानकारी के अनुसार नगर परिषद इछावर के अंतर्गत आने वाले कुछ वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम के लिए शिलाफट्टे तैयार कराए गए थे। बोर्डों पर मंत्री का नाम और पदनाम प्रकाशित होने के बाद यह गलती सामने आई। कैबिनेट मंत्री को राज्य मंत्री दर्शाए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला सामने आने के बाद इछावर क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों के साथ विपक्षी दलों ने भी प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए हैं। अब ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाता है या नहीं।