Digvijaya Singh In Sehore: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर तीखा हमला बोला है। सीहोर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में संघ की कार्यप्रणाली, उसके पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के स्थापित नियमों और कानूनी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि भारत में किसी भी समिति, संगठन या बड़े आयोजन के लिए पंजीकरण, सदस्यता सूची और बैंक खाता होना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस एक ऐसी संस्था है जिसका कोई आधिकारिक पंजीयन नहीं है। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है, तो वहां जो करोड़ों रुपये का चंदा और पैसा इकट्ठा होता है, वह आखिर जाता कहां है? इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के पुराने बयानों पर कटाक्ष करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि भागवत जी तर्क देते हैं कि वे रजिस्ट्रेशन इसलिए नहीं कराते क्योंकि हिंदू धर्म का कोई पंजीयन नहीं होता। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब आप ही बताइए, हमारा हिंदू धर्म हजारों साल पुराना है, तब रजिस्ट्रेशन कहां होता था? आज के दौर में ये लोग इस तरह के बेतुके तर्क देकर कानूनी जवाबदेही से बच रहे हैं।
दिग्विजय सिंह के निशाने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी रहे। उन्होंने अयोध्या में चल रहे निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। चंपत राय इस पूरे कार्य के प्रभारी बने हुए हैं, जबकि वे सबसे भ्रष्ट व्यक्ति हैं।
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देश और प्रदेश की वर्तमान राजनैतिक व प्रशासनिक स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने अपने दशकों लंबे राजनैतिक जीवन में आज जैसी बदतर हालत और व्यवस्था में इतनी गिरावट पहले कभी नहीं देखी है।