रीवा में भूख हड़ताल पर बैठे किसान की तबीयत बिगड़ी (फोटो सोर्स- नवभारत)
रीवा

रीवा में जमीन के मुआवजे को लेकर आंदोलन तेज, भूख हड़ताल से बिगड़ी किसान की तबीयत, अस्पताल में भर्ती

Rewa Farmer Protest:बेला गांव में हाईटेंशन लाइन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे देशराज मिश्रा की भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद बड़े भाई ने आंदोलन संभाला।

अर्पित पाण्डेय, प्रीतेश जैन

Rewa Land Compensation Protest : रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेला में अडानी कंपनी की हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर शुरू हुआ विरोध अब और गंभीर होता जा रहा है। पैतृक भूमि से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के एवज में उचित मुआवजे और जमीन से जुड़े विवाद के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे देशराज मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल, रीवा में भर्ती कराया गया है। देशराज के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके बड़े भाई वेंकटेश मिश्रा ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन की कमान संभाल ली है।

देशराज मिश्रा ने अपनी मांगों को लेकर लगातार तीन दिनों तक पानी से भरे गड्ढे में बैठकर जल सत्याग्रह किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी प्रशासनिक अमले के साथ देर रात मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलनकारी की समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण के साथ उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद देशराज ने अपना जल सत्याग्रह समाप्त कर दिया था।

आश्वासन के बाद फिर शुरू की भूख हड़ताल

देशराज का आरोप है कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद तय समय में जमीन और मुआवजे से जुड़े मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने धरना खत्म करने के दूसरे दिन दोपहर करीब 3 बजे फिर से आंदोलन शुरू कर दिया। इस बार उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया और धरना स्थल पर ही बैठ गए।

लगातार आंदोलन से बिगड़ी तबीयत

लगातार जल सत्याग्रह और इसके बाद भूख हड़ताल के चलते देशराज की तबीयत बिगड़ती चली गई। मंगलवार को उनकी हालत अचानक ज्यादा खराब हो गई। सूचना मिलने पर गुढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर पहुंची और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें संजय गांधी अस्पताल, रीवा में भर्ती कराया गया है।

जीतू पटवारी ने फोन पर जाना था हाल

देशराज मिश्रा के आंदोलन को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी उनसे फोन पर बातचीत की थी। पटवारी ने फोन पर उनकी समस्या जानी और भरोसा दिलाया था। इसके बाद कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, आंदोलनकारी का कहना है कि आश्वासन के बाद भी उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

बड़े भाई ने संभाला धरना, समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन

देशराज के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके बड़े भाई वेंकटेश मिश्रा धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन की कमान संभाल ली। उनका कहना है कि पैतृक जमीन और उचित मुआवजे से जुड़ी मांगों का समाधान होने तक विरोध जारी रहेगा। अब प्रशासन के सामने एक बार फिर आंदोलन को समाप्त कराने और जमीन-मुआवजे के विवाद का समाधान निकालने की चुनौती है। वहीं, देशराज की तबीयत बिगड़ने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

IMD Weather Alert: 60 KM/H की रफ्तार से आंधी और बिजली! 3 अक्टूबर को घर से निकलने से पहले देखें पूरी रिपोर्ट

क्या कुमार विश्वास जाएंगे राज्यसभा, भाजपा के इस सियासी दांव से कितना नफा-नुकसान; CM योगी से मिलेगी हरी झंडी?

यूपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा मोना बनीं प्रदेश अध्यक्ष; इमरान मसूद को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

Pargat Singh: परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, वड़िंग की जगह संभालेंगे कमान

Kal Ka Mausam: 3 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली, UP, बिहार से नॉर्थ ईस्ट तक, जानें IMD का ताजा अपडेट