ट्विशा शर्मा केस में CBI की 636 पेज की चार्जशीट, पति और सास पर गंभीर आरोप, दहेज एंगल की जांच जारी

Twisha Sharma CBI Chargesheet : ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने 636 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं।
CBI Files 636 Page Chargesheet in Twisha Sharma Death Case
ट्विशा शर्मा केस में CBI ने फाइल की चार्जशीट(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Twisha Sharma Death Case : भोपाल के ट्विशा शर्मा की बहुचर्चित मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल की विशेष अदालत में 636 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, मानसिक प्रताड़ना और सामान्य आशय से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में करीब 90 गवाहों को शामिल किया गया है।

जांच में ट्विशा के दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी लगाने से दम घुटना बताया गया है, लेकिन चोटों को लेकर दोनों रिपोर्ट में अंतर सामने आया है। भोपाल एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटें दर्ज होने की बात सामने आई थी, जबकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली एम्स में हुए दूसरे पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं पाया गया। यह अंतर जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

डिजिटल डेटा से मानसिक प्रताड़ना के आरोप

CBI के अनुसार ट्विशा और आरोपियों के मोबाइल फोन की डिजिटल इमेजिंग से मानसिक प्रताड़ना से संबंधित सामग्री सामने आई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि समर्थ सिंह ट्विशा के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार करते थे, जबकि गिरिबाला पर मानसिक प्रताड़ना और बेटे को ऐसा करने के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगा।

पहली बहू को भी प्रताड़ित करने का आरोप

जांच के दौरान CBI को गिरिबाला सिंह के बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह से जुड़े पुराने विवाद की जानकारी भी मिली। आरोप है कि शादी के बाद संतान नहीं होने और नौकरी को लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। जांच एजेंसी ने इस घटनाक्रम को भी मौजूदा मामले में पारिवारिक व्यवहार के संदर्भ में जांचा है।

गर्भपात के बाद बढ़ा मानसिक तनाव

चार्जशीट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में ट्विशा के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पति के व्यवहार और मानसिक तनाव के बीच गर्भपात कराने का फैसला लिया गया। मई की शुरुआत में डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेने के बाद परिवार में इस मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ने का आरोप है। CBI ने ट्विशा के वॉट्सऐप संदेशों और अन्य डिजिटल सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

शेयर ट्रांसफर को लेकर दबाव का आरोप

जांच में ट्विशा शर्मा के डीमैट खाते में करीब 20 लाख रुपये के शेयर होने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि गिरिबाला और समर्थ इन शेयरों को संयुक्त खाते में ट्रांसफर कराने के लिए ट्विशा पर दबाव बना रहे थे, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार कर दिया था। CBI ने वित्तीय लेन-देन और इससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की है।

आखिरी बातचीत में मां से कही थी अहम बात

चार्जशीट के अनुसार, घटना वाली रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उनके रोने और समर्थ के आक्रामक व्यवहार की बात कहे जाने का उल्लेख जांच में किया गया है। इसके बाद फोन कट गया। कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना से पहले ट्विशा, उनकी मां, ननद और सास के बीच कई बार बातचीत हुई थी, लेकिन बाद में ट्विशा ने फोन उठाना बंद कर दिया।

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दहेज और तकनीकी जांच अभी बाकी

CBI ने मौजूदा चार्जशीट में दहेज हत्या और दहेज की मांग से जुड़े पहलुओं पर जांच पूरी नहीं की है। एजेंसी इन आरोपों की जांच जारी रखे हुए है और आगे जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। ट्विशा के आईफोन का डेटा एक्सट्रैक्शन के लिए CFSL दिल्ली भेजा गया है। CCTV रिकॉर्डिंग वाले DVR और दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

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