सीएम मोहन यादव के दौरे से पहले पन्ना में प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
पन्ना

CM के दौरे से पहले पन्ना में बवाल; मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-39 किया जाम

Protest In Panna: सीएम मोहन यादव के पन्ना दौरे से पहले हाईवे पर बड़ा प्रदर्शन, पन्ना टाइगर रिजर्व के विस्थापित ग्रामीणों ने एनएच-39 किया जाम, मुआवजे की मांग को लेकर अड़े।

सजल रघुवंशी

Panna Protest Before CM Visit: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले एमपी के सागर संभाग के पन्ना जिले में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कनेरी गांव के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नेशनल हाईवे-39 पर जाम लगा दिया। विश्व पर्यटन ग्राम मंडला के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच पत्थर रखकर आवागमन रोक दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए विस्थापित तो कर दिया गया, लेकिन आज भी कई परिवारों को निर्धारित मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि वर्षों से वे अपने अधिकारों के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।

प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल हुए बुजुर्ग और युवा

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि जिन विस्थापित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल राहत दी जाए और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।

हाईवे जाम की वजह से लंबे समय तक फंसे रहे वाहन

हाईवे जाम होने से छोटे-बड़े यात्री वाहन, बसें और अन्य वाहन लंबे समय तक फंसे रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक जाम खुलने का इंतजार करते रहे।

सीएम के दौरे से पहले प्रदर्शन ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे से पहले हुए इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्पष्ट किया कि जब तक मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विस्थापित ग्रामीणों की मांगों पर क्या फैसला होता है और लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे परिवारों को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।

https://youtu.be/KKPgJMW5siQ?si=L4WPFyl63VpLbfCm

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