दमोह: गर्भवती महिला को समय नहीं मिली एंबुलेंस, शासन ने 108 सेवा की एजेंसी पर लगाया 2 लाख से अधिक जा जुर्माना

Damoh Administration Big Action: दमोह में समय पर नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस तो बस स्टैंड पर कराना पड़ा प्रसव, कलेक्टर की जांच के बाद 108 सेवा एजेंसी पर लगा 2.35 लाख का भारी जुर्माना।
The Madhya Pradesh government has imposed a penalty of over ₹2 lakh on the 108 ambulance service agency after a pregnant woman in Damoh allegedly failed to receive an ambulance on time
दमोह में एंबुलेंस की एजेंसी पर लगा जुर्माना (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Damoh 108 Ambulance Negligence: दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत 8 जुलाई को एक गर्भवती महिला को समय पर 108 एंबुलेंस न मिलने पर महिला को यात्री प्रतीक्षालय में ही शिशु को जन्म देना पड़ा था। इस मामले में कलेक्टर के द्वारा जांच के निर्देश दिए गए थे।

इसके बाद सीएमएचओ के द्वारा जांच की गई और शासन ने 108 सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर 2 लाख 35 हजार का जुर्माना लगाया है। गुरुवार शाम दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के द्वारा इस मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस सेवा मिले इसका पूरा प्रयास किया जाना चाहिए।

एंबुलेंस को आने में लग रहा था एक घंटे का समय

मामला जबेरा जनपद के ग्राम बम्होरी का था। ग्राम बम्होरी निवासी 30 वर्षीय कविता बाई को 8 जुलाई की दोपहर प्रसव पीड़ा हुई थी। परिजनों का कहना था कि उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया लेकिन बताया गया कि एंबुलेंस को पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगेगा। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए रिश्तेदार उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई।

एंबुलेंस को आने में लग रहा था समय, गांव की महिलाओं ने की मदद

महिला को पास ही बने यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर पुनः एंबुलेंस का इंतजार किया गया, लेकिन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई। स्थिति गंभीर होते देख गांव की महिलाओं को बुलाया गया। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए साड़ियों की सहायता से पर्दा बनाकर प्रतीक्षालय में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया था।

संरपंच ने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र

प्रसव के बाद बम्होरी सरपंच ने अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद की थी। इस मामले की शिकायत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से भी की गई थी। उन्होंने संबंधित सेवा प्रदाता जेएईएस. प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के परीक्षण के बाद शासन ने कंपनी को नोटिस जारी किया। लापरवाही स्वीकार किए जाने पर कंपनी पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपए का अर्थदंड आरोपित किया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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