Narmadapuram Water Crisis: नर्मदापुरम जिले की सिवनीमालवा तहसील अंतर्गत चारखेड़ा गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ढेकना पंचायत के इस अंतिम गांव में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के उपयोग के लिए करीब एक किलोमीटर दूर स्थित लगभग सूख चुकी नदी से पानी लाना पड़ रहा है। नदी में बचा पानी भी साफ नहीं है, लेकिन ग्रामीण उसकी का उपयोग करने को मजबूर हैं।
गांव में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तेज धूप में सिर पर बर्तन रखकर पानी ढोते नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण क्षेत्र का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। इससे गांव के अधिकांश हैंडपंप बंद हो चुके हैं। वहीं नल-जल योजना के तहत कराई गई बोरिंग में भी पानी खत्म हो गया है, जिसके कारण गांव में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पानी की कमी का असर पूरे गांव के जनजीवन पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें दिनभर में कई बार नदी तक जाकर पानी लाना पड़ता है।
गांव निवासी भागवती बाई ने बताया कि मजबूरी में लोग गंदा पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूषित पानी पीने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा। वहीं सरपंच प्रतिनिधि परसराम बारसकर ने बताया कि गांव के लगभग सभी जल स्रोत सूख चुके हैं। उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले शुरू हुई नल-जल योजना फिलहाल बंद पड़ी है।
पानी की कमी को दूर करने के लिए आसपास के गांवों से टैंकरों के जरिए पानी लाने की कोशिश की जाती है, लेकिन बिजली कटौती के कारण टैंकर समय पर नहीं भर पाते। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के इस दौर में गांव में नियमित रूप से पेयजल टैंकर भेजे जाएं और स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।