Ravindra Sharma Asian Games : मुरैना जिले के छोटे से गांव सिकरौदा के युवा रविंद्र शर्मा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर जिले का नाम रोशन किया है। भारतीय नौसेना में जवान रविंद्र शर्मा का चयन एशियन गेम्स 2026 के लिए हुआ है। वह जापान में होने वाली 470 मिक्स्ड क्लास नौकायान प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जापान में 19 सितंबर से एशियन गेम्स 2026 का आयोजन शुरू होने जा रहा है। इसी प्रतियोगिता में 470 मिक्स्ड क्लास नौकायान स्पर्धा आयोजित होगी, जिसमें रविंद्र शर्मा भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। यह ओलंपिक स्तर की नौकायान प्रतियोगिता मानी जाती है। रविंद्र के चयन की खबर सामने आने के बाद सिकरौदा गांव सहित पूरे मुरैना जिले में खुशी का माहौल है।
रविंद्र शर्मा किसान लोकेंद्र शर्मा के बेटे हैं। मुरैना जिले के साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने भारतीय नौसेना में अपनी जगह बनाई और इसके साथ ही नौकायान के खेल में भी अपनी अलग पहचान स्थापित की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ गांव और जिले के लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
रविंद्र शर्मा वर्ष 2014 में भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। नौकायान में उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन को देखते हुए वर्ष 2017 से उन्हें 470 मिक्स्ड क्लास प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय स्तर सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
नौकायान में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए रविंद्र शर्मा ने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपने नाम कई पदक किए। खेल के प्रति उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर से आगे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। अब उनकी नजर एशियन गेम्स में देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
रविंद्र शर्मा वर्तमान में मुंबई में पदस्थ हैं और एशियन गेम्स की तैयारी में जुटे हुए हैं। भारतीय टीम के साथ वह 470 मिक्स्ड क्लास नौकायान प्रतियोगिता में उतरेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके खेल करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुरैना के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय नौसेना में सेवा देने और अब एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले रविंद्र शर्मा जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।