

Kapil Parmar Asian Para Games 2026: सीहोर जिले के लिए गर्व का क्षण है। जिले के होनहार पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार का एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय पैरा जूडो टीम में प्रोविजनल चयन हुआ है। नागोया (जापान) में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कपिल देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से न केवल सीहोर बल्कि पूरा मध्यप्रदेश और देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
कपिल परमार के चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर उनके निवास पहुंचे और उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कपिल ने कठिन संघर्ष और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कपिल परमार का जीवन संघर्ष और हौसले की मिसाल है। जब वह मात्र 9 वर्ष के थे, तब खेत में खेलते समय 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए थे। इस हादसे में उनकी आंखों की रोशनी चली गई और वे पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित श्रेणी में आ गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपनों को जिंदा रखा।
आर्थिक परिस्थितियां भी उनके लिए चुनौती बनी रहीं। परिवार की मदद करने और खेल प्रशिक्षण का खर्च निकालने के लिए उन्होंने अपने भाइयों के साथ चाय की दुकान पर काम किया। चाय बनाना, बर्तन धोना और मेहनत-मजदूरी के बीच उन्होंने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया।
कोच भगवान दास के मार्गदर्शन में कपिल ने जूडो के दांव-पेंच सीखे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के लिए जूडो का पहला कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इससे पहले एशियन पैरा गेम्स 2023 में रजत पदक भी अपने नाम किया था।
पेरिस से लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपिल को गले लगाया था और उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा था कि एक चाय की दुकान से पैरालंपिक के पोडियम तक का सफर देश को प्रेरित करता है। देश का मान बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में कपिल परमार को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी और मुकेश अंबानी ने अपने मुंबई स्थित निवास एंटीलिया में आयोजित यूनाइटेड इन ट्रायम्फ समारोह में दिग्गज हस्तियों के बीच कपिल को मंच पर बुलाकर विशेष प्रोत्साहन राशि और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया था।
कपिल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, कोच और समर्थकों को दिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य जापान में तिरंगा ऊंचा लहराना और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। आज सीहोर का यह लाल लाखों युवाओं के लिए संघर्ष, मेहनत और सफलता का प्रतीक बन गया है।