Morena Forest Checkpost Loot : मुरैना के पहाड़गढ़ क्षेत्र की कन्हार वनचौकी पर शनिवार दोपहर जब्त कृषि सामग्री को कथित तौर पर धमकाकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 10 लोग वनचौकी परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद वनकर्मियों के सामने धमकी देते हुए लोहे के हल समेत अन्य कृषि उपकरण उठाकर ले गए। मामले में डिप्टी रेंजर कीर्ति कुमार ने तीन नामजद आरोपियों समेत करीब 10 लोगों के खिलाफ लूट का केस दर्ज करने के लिए पहाड़गढ़ थाने में आवेदन दिया है।
डिप्टी रेंजर कीर्ति कुमार ने शनिवार शाम पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि दोपहर के समय कन्हार वनचौकी पर स्विफ्ट कार क्रमांक RJ 60 CK 4027 से कन्हार गांव के वीरेंद्र जाटव, नीरज जाटव और भरत जाटव पहुंचे। तीनों नत्था जाटव के पुत्र बताए गए हैं। उनके साथ भरत जाटव की पत्नी, उसकी बहन और चार-पांच अन्य लोग भी मौजूद थे।
घटना के समय वनचौकी पर वनरक्षक सुनील त्यागी, दिनेश कुमार और भानूप्रताप सिंह मौजूद थे। शिकायत के मुताबिक, वनचौकी पहुंचते ही आरोपियों ने वनकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया। डिप्टी रेंजर ने आवेदन में आरोप लगाया है कि इस दौरान कुछ लोग खुद को कभी पत्रकार तो कभी वकील बताते हुए वनकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे।
आरोप है कि इसके बाद दबंग वनचौकी परिसर में रखे लोहे के हल और अन्य कृषि उपकरण उठाकर ले गए। मुरैना वन विभाग के मुताबिक, यह सामग्री करीब एक महीने पहले विभाग की टीम ने जब्त की थी और कार्रवाई के बाद उसे वनचौकी परिसर में सुरक्षित रखा गया था। वनकर्मियों के सामने ही सामग्री ले जाने का आरोप लगाया गया है।
डिप्टी रेंजर के आवेदन के अनुसार, आरोपियों ने वनचौकी के कमरे में रखी जब्त साइकिलों को भी ले जाने का प्रयास किया। हालांकि कमरे में ताला लगा होने के कारण वे उसे खोल नहीं सके। इसके बाद सभी लोग वहां से लौट गए। घटना के बाद वन विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई।
मुरैना वन विभाग की शिकायत के आधार पर पहाड़गढ़ थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आवेदन में लगाए गए आरोपों के साथ वनचौकी पर मौजूद वनकर्मियों के बयान भी दर्ज करेगी। घटना में नामजद आरोपियों के साथ अन्य लोगों की भूमिका और जब्त सामग्री को ले जाने से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।