जलभराव के बीच पहुंचीं मेयर (फोटो सोर्स- नवभारत) 
मुरैना

मुरैना में एक घंटे की बारिश से शहर जलमग्न, घुटनों तक भरा पानी, महापौर ने निगम कमिश्नर को लगाई फटकार

Morena Heavy Rain : मुरैना में एक घंटे की तेज बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। घुटनों तक पानी भरने पर महापौर ने नगर निगम आयुक्त से नाराजगी जताई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

प्रीतेश जैन

Morena Waterlogging Problem: मुरैना में मंगलवार को महज एक घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर की मुख्य सड़कें, बाजार और कई रिहायशी इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया, जबकि कई स्थानों पर वाहन पानी में फंसने से यातायात भी प्रभावित रहा।

तेज बारिश के बाद जीवाजीगंज, लोहिया बाजार, गणेशपुरा और न्यू हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। घुटनों तक भरे पानी के बीच लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

महापौर ने मौके पर पहुंचकर जताई नाराजगी

बारिश के बाद हालात का जायजा लेने महापौर शारदा राजेंद्र सोलंकी जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचीं। उन्होंने सड़क पर खड़े होकर नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र सिंह धाकरे से नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। महापौर ने अधिकारियों को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने के निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों ने निगम पर लगाए आरोप

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं कराई गई। इसी कारण केवल एक घंटे की बारिश में शहर जलमग्न हो गया। लोगों का आरोप है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश का असर बाजारों में कारोबार पर भी पड़ा। कई दुकानों के सामने पानी भर गया, जबकि कॉलोनियों में घरों के बाहर जलभराव होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

निगम आयुक्त बोले- आधे घंटे में निकल गया पानी

नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे ने कहा कि शहर के नालों की सफाई पहले ही कराई जा चुकी थी और यह काम लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि जहां जलभराव हुआ था, वहां से आधे घंटे के भीतर पानी निकल गया। सुबह छह बजे से निगम की टीमें मैदान में थीं और जरूरत के अनुसार निकासी का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर का भू-स्तर समतल होने के कारण पानी धीरे-धीरे निकलता है।

हर साल दोहराई जाती है जलभराव की तस्वीर

मुरैना में हर मानसून के दौरान जलभराव की तस्वीरें सामने आती हैं और हर बार व्यवस्थाओं में सुधार के दावे किए जाते हैं। इस बार भी सिर्फ एक घंटे की बारिश ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है या जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम भी उठाता है।

जापानी निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा महाराष्ट्र, मुंबई में JCCI प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक

एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, लेकिन इतनी सप्लाई आएगी कहां से? सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल

जामिया में छात्रों की बड़ी जीत, यूनिवर्सिटी ने जारी किया छात्र संघ चुनाव का शेड्यूल

प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था को कितना होता है नुकसान ? कारोबार,रोजगार और जनता की जेब पर पड़ने वाले प्रभाव को समझे

40 साल की दोस्ती और हर बड़े काम में अहम भूमिका, कौन हैं मुकेश अंबानी के खास दोस्त MM?