

Indore Municipal Corporation to Screen Drunk Drivers:इंदौर नगर निगम ने अपने वाहन चालकों पर निगरानी और सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। निगम प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब शराब पीकर वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की नियमित जांच की जाएगी। इसके लिए निगम ने 60 से अधिक ब्रीथ एनालाइजर मशीनें खरीदी हैं। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सभी जोन कार्यालयों और जीटीएस यानी की गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन पर तैनात वाहन प्रभारी एवं अधिकारियों को ब्रीथ एनालाइजर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रतिदिन सुबह वाहन रवाना होने से पहले चालकों की जांच की जाएगी। यदि कोई चालक शराब के नशे में पाया जाता है तो उसे वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम ने एक विशेष निरीक्षण टीम भी गठित की है, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में निगम के वाहनों को रोककर चालकों की मौके पर जांच करेगी। टीम के पास भी ब्रीथ एनालाइजर मशीनें रहेंगी। इससे ड्यूटी के दौरान भी चालकों की निगरानी की जा सकेगी और किसी भी तरह की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।
नगर निगम के पास करीब 1200 छोटे-बड़े वाहन हैं। इनमें सबसे अधिक वाहन स्वास्थ्य विभाग और कचरा संग्रहण व्यवस्था में उपयोग किए जाते हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न ट्रांसफर स्टेशनों से ट्रेंचिंग ग्राउंड तक कचरा ले जाने वाले भारी वाहन भी निगम के बेड़े में शामिल हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहन चालकों की नियमित जांच सड़क सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
यह भी पढें:
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इंदौर नगर निगम के कुछ वाहन चालकों पर शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप लग रहे थे और निगम वाहनों से जुड़े कुछ हादसे भी सामने आए थे। इसके बाद निगम प्रशासन ने चालकों को दोबारा प्रशिक्षण देने के साथ-साथ ब्रीथ एनालाइजर से नियमित जांच की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। निगम का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली अधिक सुरक्षित एवं जवाबदेह बनेगी।