Highlights:
मुरैना के बानमोर इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंचा कूनो का चीता।
फैक्ट्रियों के बीच दौड़ते चीते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
गुरुवार को पवाया सांक नदी के किनारे देखा गया था चीता।
कूनो की ट्रैकिंग टीम ने शुक्रवार को ही किया रेस्क्यू।
Morena Cheetah Rescue Operation : मुरैना जिले में कूनो नेशनल पार्क से निकला एक चीता आबादी और औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंच गया। बानमोर इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्रियों के बीच चीते को तेजी से दौड़ते देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया, जो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि कूनो से पहुंची ट्रैकिंग टीम ने शुक्रवार को ही चीते को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था।
जानकारी के मुताबिक, कूनो नेशनल पार्क से निकलकर एक चीता गुरुवार को बानमोर क्षेत्र में पवाया सांक नदी के किनारे देखा गया था। इसके बाद वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रख रही थी। शुक्रवार सुबह चीता बानमोर कस्बे के नजदीक स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंच गया। यहां फैक्ट्रियों के आसपास उसकी मौजूदगी देखकर स्थानीय लोग और कर्मचारी घबरा गए।
औद्योगिक क्षेत्र में चीते को दौड़ते देखकर किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में चीता फैक्ट्रियों के बीच तेजी से भागता दिखाई दे रहा है। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। शनिवार को वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इलाके में चीते की मौजूदगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, वीडियो वायरल होने से पहले ही वन विभाग की टीम कार्रवाई कर चुकी थी।
चीते की लोकेशन मिलने के बाद कूनो नेशनल पार्क से आई ट्रैकिंग टीम सक्रिय हुई। टीम ने शुक्रवार को ही चीते को ट्रेस कर उसका रेस्क्यू कर लिया और उसे अपने साथ ले गई। बानमोर वन क्षेत्र के रेंजर सुरेंद्र आर्य ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कूनो से आई टीम शुक्रवार को चीते का रेस्क्यू कर चुकी है।
चीते का औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचना इसलिए भी चिंता का विषय था, क्योंकि यहां से होकर हाईवे गुजरता है। इस मार्ग पर दिनभर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में चीते के किसी वाहन की चपेट में आने का खतरा था। इसके अलावा फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी हुई थी। गनीमत रही कि चीते की मौजूदगी के दौरान कोई जनहानि या हादसा नहीं हुआ।