Youth Dies After Surgery At Hospital In Morena: मुरैना के एक निजी अस्पताल में 27 वर्षीय युवक राहुल जाटव की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। एमएस रोड स्थित बांदिल अस्पताल में भर्ती राहुल की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले ने निजी अस्पतालों में इलाज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुरैना जिले के सहराना गांव निवासी राहुल जाटव ट्रक ड्राइवर था और बीज निगम के पास रहकर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, वह ट्रक लेकर इंदौर गया था, जहां कथित रूप से वाहन से गिरने के कारण उसकी जांघ की हड्डी टूट गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए मुरैना के बांदिल अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजन अब इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि गंभीर रूप से घायल राहुल को इंदौर से मुरैना क्यों लाया गया और इसमें ट्रक मालिक की क्या भूमिका रही।
परिजनों का कहना है कि सोमवार को राहुल की जांघ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। मृतक के ससुर और अन्य परिजनों का आरोप है कि राहुल पूरी रात दर्द से तड़पता रहा, उसका शरीर नीला पड़ने लगा और पेट फूल गया, लेकिन डॉक्टर उसे देखने नहीं पहुंचे। उनका दावा है कि अस्पताल स्टाफ ने स्थिति को सामान्य बताते हुए सुबह तक इंतजार करने को कहा।
मंगलवार सुबह राहुल की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पूर्व विधायक रघुराज कंसाना भी अस्पताल पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। बाद में कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर नियंत्रण पाया।
राहुल की बहन राजेश्वरी दौनेरिया ने आरोप लगाया कि इलाज का खर्च ट्रक मालिकों ने नहीं उठाया, जिसके कारण उन्हें अपना मंगलसूत्र बेचकर ऑपरेशन कराना पड़ा। परिजनों ने अस्पताल को सीज करने, डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच की तैयारी में हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही राहुल की मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।