Kanha Tiger Attack Forest Worker: मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व से एक दुखद घटना सामने आई है। जंगल में नियमित गश्त के दौरान बाघ के हमले में एक वनकर्मी की मौत हो गई। यह हादसा कान्हा परिक्षेत्र की नकटी घाटी बीट के कक्ष क्रमांक 136 में हुआ, जहां गश्ती दल पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में अग्नि सुरक्षा श्रमिक लखन सिंह की मौके पर ही जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, 29 वर्षीय लखन सिंह बालाघाट जिले के आमगहन गांव के निवासी थे और कान्हा टाइगर रिजर्व में अग्नि सुरक्षा श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। रविवार सुबह वह अन्य कर्मचारियों के साथ नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान जंगल में अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि लखन सिंह को संभलने का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन अमले ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है ताकि घटना की परिस्थितियों का विस्तृत आकलन किया जा सके।
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि लखन सिंह वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे थे और दुर्गम जंगलों में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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वन विभाग ने मृतक के परिजनों को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों और स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, वन विभाग भविष्य में गश्त के दौरान सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है। एसडीओ आशीष पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।